सूत्रों के अनुसार, 40 वर्षीय धनराज नाथवानी ने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से स्नातक की पढ़ाई की है। दिए गए शपथपत्र के अनुसार, वे कॉरपोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशन मैनेजमेंट में एमबीए हैं, जोकि दूरस्थ शिक्षा से हासिल किया है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। साल 2022 में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद उन्हें सर्वसम्मति से इस पद के लिए चुना गया था। कॉर्पोरेट और खेल जगत में गहरी पैठ रखने वाले नाथवानी की उम्मीदवारी से यूपी की सियासत में नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।
दूसरी तरफ, सपा के थिंक टैंक कहे जाने वाले कद्दावर नेता प्रो. रामगोपाल यादव को दोबारा राज्यसभा भेजकर पार्टी ने अपने परंपरागत कैडर और संगठन को एकजुट रखने का स्पष्ट संदेश दिया है। प्रो. रामगोपाल लंबे समय से संसद के उच्च सदन में पार्टी की आवाज बने रहे हैं और संसदीय प्रक्रियाओं व रणनीतिक मामलों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
संख्या बल का गणित और भविष्य के संकेत
विधानसभा में विधायकों के मौजूदा संख्या बल के आधार पर समाजवादी पार्टी दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रो. रामगोपाल यादव के लंबे राजनीतिक अनुभव और धनराज परिमल नथवानी के कॉर्पोरेट प्रभाव का यह संयोजन सपा को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में नया संतुलन साधने में मदद करेगा।
प्रो. रामगोपाल यादव के बारे में
प्रो. रामगोपाल यादव छठी बार राज्यसभा के लिए चुने जाएंगे। इससे पहले वे 5 बार (1992-1998, 1998-2004, 2008-2014, 2014-2020 और 2020-2026) राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2004 में संभल से लोकसभा सांसद भी चुने गए।
शपथपत्र में दिए गए ब्योरे के अनुसार, सपा के उम्मीदवार धनराज नाथवानी 373.26 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। इसमें पति-पत्नी व बच्चों की कुल चल संपत्ति 291.99 करोड़ रुपये है। कुल देनदारी (कर्ज) 3.19 करोड़ रुपये है। धनराज नाथवानी के खिलाफ किसी भी धारा में कोई केस न तो दर्ज है और न ही पहले कभी कोई केस दर्ज हुआ।