शनिवार देर रात से शुरू हुई बारिश ने रविवार दिन भर पूरे शहर को रिमझिम बारिश से तर बतर किया।
बरसात का आलम ये रहा कि एक बार शुरू होने के बाद से शहर में 20 घंटे से भी अधिक समय तक रुक रुक कर पानी बरसता रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र पर शाम 5:30 बजे तक ये मानसूनी झमाझम 45 मिमी. रिकॉर्ड की गई।
सुबह 8:30 बजे तक लगभग 17.2 मिमी., जबकि शाम 5:30 बज तक 27.8 मिमी. बारिश रिकार्ड हुई। जो कि मानसून केइंतजार में गुजरे पूरे जून महीने में राजधानी में रिकार्ड हुई बारिश से ज्यादा रही।
एक जून से 2 जुलाई तक राजधानी लखनऊ में महज 30.7 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई थी। दिन भर घंटों तक लंबी चली बारिश केचलते शहरी सूरज देखने को तरस गये।
आठ डिग्री सिल्सियस लुढका पारा
बारिश के चलते दिन का अधिकतम पारा भी धड़ाम हुआ। ये सामान्य से आठ डिग्री सेल्सियस लुढ़क कर 26.5 डिग्री जा पहुंचा। जो कि शनिवार को रिकॉर्ड हुये 33.9 डिग्री से 7.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
तीन दिनों में अधिकतम पारे में 13 डिग्री सेल्सियस से अधिक की इस गिरावट से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। घरों में कूलर-पंखों की सफ्तार घटी तो एसी भी धीमे पड़े।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि सिस्टम मजबूत होने के चलते पूर्वी उप्र और राजधानी लखनऊ से आसपास के इलाकों में जोरदार बारिश रिकॉर्ड हुई। कुछेक इलाकों में ये तेज रही।
45 मिमी. बारिश दर्ज की गई बारिश
राजधानी में भी बारिश शुरू होने क बाद से शाम तक 45 मिमी. बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 से 36 घंटा में ये मानसूनी सिस्टम-करंट कमजोर पड़ने से सोमवार को राजधानी समेत आसपास के कुछ इलाकों और पूर्वी उप्र में रुक रुक कर बौछारें पड़ती रहेंगी।
कुछेक स्थानों पर तेज बौछारों पड़ने की संभावना है। मंगलवार से दौर कुछ कमजोर पड़ेगा। उसके बाद पारे केउतार-चढ़ाव के बीच कुछ दिन तक मौसम सामान्य रह सकता है।