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पैसेंजर-मेमू बंद कर मुनाफे वाली ट्रेनें दौड़ा रहा रेलवे, हर रोज बसों से महंगा सफर करने को मजबूर हैं 45 हजार यात्री

Wed, 10 Feb 2021 02:39 PM IST
ishwar ashish नीरज 'अम्बुज', अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : social media
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कोरोना के चलते करीब नौ माह से बंद पैसेंजर ट्रेनों को रेलवे नहीं शुरू कर रहा है, जबकि मुनाफे वाली मेल, एक्सप्रेस और डायनेमिक फेयर वाली गाड़ियों को हरी झंडी दिखा दी है। ऐसे में करीब 45 हजार दैनिक यात्री बसों का महंगा सफर करने को मजबूर हैं।

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गत वर्ष मार्च में मेल-एक्सप्रेस के साथ-साथ पैसेंजर व मेमू गाड़ियों को संचालन भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इसके बाद जून से 200 ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन पैसेंजर गाड़ियों की वापसी नहीं हुई। रेलवे मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाता रहा।

इनके साधारण टिकट भी रिजर्वेशन पर ही मिलते हैं, जिससे रेलवे को मुनाफा हो रहा है। उधर, पैसेंजर ट्रेनों से सस्ते किराये पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों की परेशानी नहीं दूर हो रही है। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि रेलवे प्रशासन पैसेंजर ट्रेनें शुरू करेगा, लेकिन इसकी कोई तैयारी होती नहीं दिख रही है।

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41 हजार से घटकर 7300 करोड़ हुई आय

रेलवे के उत्तर व पूर्वोत्तर सहित सभी जोन में मालगाड़ियों से गत वर्ष 94,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। इस वर्ष इनसे रेलवे ने 1,38,000 करोड़ रुपये कमाए। सवारी ट्रेनों से रेलवे ने गत वर्ष 41,000 करोड़ रुपये की कमाई की, जो साल कोरोना की वजह से सिर्फ 7300 करोड़ रुपये ही रही। सवारी गाड़ियों से लगातार नुकसान से मेमू-पैसेंजर चलाने से रेलवे कतरा रहा है।

इन स्टेशनों के यात्री परेशान होकर बस से कर रहे यात्रा
लखनऊ से कानपुर के बीच मेमू, पैसेंजर ट्रेनों से आम दिनों में 34 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। वहीं, लखनऊ से हरदोई के बीच तीन हजार, लखनऊ से सुल्तानपुर के बीच डेढ़ हजार, लखनऊ से बाराबंकी के बीच डेढ़ हजार और लखनऊ से सीतापुर के बीच पांच हजार यात्री सफर करते हैं। जो इन दिनों बसों से यात्रा कर रहे हैं और महंगा टिकट खरीदने के लिए मजबूर हैं।

रेलवे स्टेशनों पर यूटीएस भी बंद

रिजर्वेशन से रेलवे लगातार कमाई कर रहा है। वहीं, स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट सिस्टम (यूटीएस) भी बंद कर दिए गए हैं। इन्हें शुरू कर दिया जाए तो पुष्पक जैसी ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। वहीं, ट्रेनों का संचालन बंद हुआ तो एमएसटी धारकों की मुश्किलें खड़ी होंगी। एमएसटी का रिन्यूअल नहीं हो पा रहा है।

प्रस्ताव तैयार, पर नहीं मिल रही झंडी
रेलवे प्रशासन ने पैसेंजर ट्रेनें चलाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए हैं, पर इन्हें हरी झंडी नहीं मिल रही है। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से लखनऊ से सीतापुर के बीच पैसेंजर, लखनऊ से कानपुर के बीच मेमू, सहारनपुर के बीच गोंडा के लिए, वाराणसी और बाराबंकी के लिए पैसेंजर इंटरसिटी चलाने का प्रपोजल है।

मामले पर उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी का कहना है कि कोरोना वैक्सीन आने के बाद स्थितियों में सुधार हो रहा है। पैसेंजर ट्रेनों के संचालन पर भी मंथन शुरू हो गया है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
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मेल एक्सप्रेस, मेमू की हालत

ट्रेन-- यात्री -- आय
मेमू-- 45000 -- 3,60,000 प्रतिदिन।
मेल-एक्सप्रेस-- 65,000-- 58 से 60 लाख प्रतिदिन।

यह है मंडल की स्थिति
जोन-- यात्री-- आय
उत्तर रेलवे-- 7.66 करोड़-- 1227 करोड़
पूर्वोत्तर रेलवे-- 6.88 करोड़-- 873 करोड़
(यह आंकड़े आम दिनों के हैं। कोरोना काल में यात्री व आमदनी दोनों कम हुई है।)
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