गोंडा जिले में किसान नेताओं की अपीली पर सोमवार को होने वाले रेल रोको अभियान का जिले में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। लखीमपुर कांड के आरोपी गृह राज्यमंत्री की गिरफ्तारी की मांग व कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को देशभर में रेल चक्का जाम की योजना बनाई गई थी। इसको लेकर शासन के निर्देश पर रविवार रात से ही सिविल पुलिस, पीएसी, आरपीएफ, जीआरपी के जवानों ने पूरे रेल ट्रैक, स्टेशन व प्लेटफार्मों पर अपना जाल बिछा दिया। चौकस सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण एक भी आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक के किनारे फटक तक नहीं सका। बभनान में कुछ किसान नेताओं ने प्रदर्शन किया और रेलवे ट्रैक के किनारे तक नहीं जा सके लिहाजा प्रशासन के अधिकारियों को वहीं पर ज्ञापन सौंप दिया।
अमेठी: छावनी बने रेलवे स्टेशन, किसान नेता नजरबंद
लखीमपुर कांड में गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का सोमवार को रेल रोको आंदोलन प्रस्तावित था। किसानों के प्रदर्शन की सूचना पर प्रशासन ने स्टेशनों को छावनी में तब्दील कर अधिकांश किसान नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया। किसान नेताओं के नजरबंद होने से जिले में प्रस्तावित आंदोलन बेअसर साबित हुआ।
लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया कस्बे में तीन अक्तूबर को वाहन से राैंदकर चार किसानों की मौत के मामले से नाराज किसान संगठन आंदोलित हैं। किसान संगठन मुख्य आरोपी के पिता केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। शासन की ओर से मिले आश्वासन के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने तथा केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पद पर कायम रहने से नाराज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को रेल रोको आंदोलन प्रस्तावित था। किसानों के आंदोलन की सूचना पर प्रशासन ने गौरीगंज, जायस, अमेठी, मिसरौली, अकबरगंज, निहालगढ़ व मुसाफिरखाना समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात कर स्टेशनों को छावनी में तब्दील कर दिया।
कई किसान संगठनों के जिलाध्यक्षों व किसान नेताओं को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। पुलिस की ओर से घर पर ही नजरबंद किए गए किसान नेताओं ने पुलिस पर उत्पीड़न करने तथा शासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कृषि कानून समाप्त होने, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों पर कार्रवाई होने तथा केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। एडीएम सुशील प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन की सक्रियता से जिले में किसानों का रेल रोको आंदोलन बेअसर रहा। ट्रैक की सभी ट्रेन नियमित संचालित हुईं।
सोमवार को किसान संगठनों की रेल रोको चेतावनी को देखते हुए स्थानीय पुलिस व प्रशासन पूरी तरहसे चौकन्ना दिखा। बलरामपुर जंक्शन, झारखंडी, कौवापुर, गैसड़ी व पचपेड़वा आदि स्टेशनों पर दिनभर पुलिस तैनात रही। प्रशासनिक असफर भी समय-समय पर हालात का जायजा लेते दिखे। हलांकि जिले में किसान संगठनों द्वारा रेल रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
अयोध्या: रेल रोकने गए किसानों को स्टेशन से किया गया गिरफ्तार, धक्का-मुक्की
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को विभिन्न संगठनों ने रेल रोकने का प्रयास किया तो रेलवे स्टेशन से ही गिरफ्तार कर लिए गए। इस दौरान किसानो और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस सभी को पुलिस लाइन ले गई। इसके बाद आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने जिले में विभिन्न जगहों पर धरना-प्रदर्शन कर नाराजगी जताई और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन हलकान रहा।शाम को सभी को छोड़ दिया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता/पदाधिकारी उप निदेशक उद्यान के कार्यालय पर इकट्ठा हुए, प्रदर्शन करते हुए फैजाबाद जंक्शन पर पहुंचकर रेल का चक्का जाम करने का प्रयास किया। पहले से भारी संख्या में मुस्तैद पुलिस बल ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिससे वह अपनी मंशा में कामयाब नहीं हो सके। इस दौरान पुलिसकर्मियों से कार्यकर्ताओं की नोंकझोंक व धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस लाइन में कार्यकर्ताओं को दिन भर रखा गया।कार्यकर्ता तीनों कृषि कानूनो की वापसी व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ट्रेनी को गिरफ्तार करने सहित मांगों से संबंधित नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि प्रशासन चाहे जितना तानाशाही, हठधर्मिता अपना ले, किसान डरने वाले नहीं हैं। गिरफ्तार होने वालों में सूर्यनाथ वर्मा, भागीरथी वर्मा, अरविंद यादव, शंकर पाल पांडेय सहित 121 लोग शामिल रहे।
तिकोनिया पार्क में संयुक्त मोर्चे के जिला संयोजक मायाराम वर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। जिसमें केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने, तीनों कृषि बिल वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने, बढ़े डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस के दामों को वापस लेने की मांग उठाई गई। इस मौके पर मो. इशहाक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमला प्रसाद बागी, युवा रालोद जिला अध्यक्ष रामशंकर वर्मा, महिला अध्यक्ष सुमन पांडेय आदि मौजूद रहे।