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लखनऊ की बड़ी कंपनी के 14 ठिकानों पर छापा, टैक्स चोरी पकड़ी

Sun, 17 Jul 2016 03:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पूछताछ करते वाणिज्य कर विभाग के अफसर - फोटो : amar ujala
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वाणिज्य कर विभाग की एसआईबी टीम ने शनिवार को नटवर गोयल पर शिकंजा कसते हुए ट्रेडिंग सेंटर समेत 14 ठिकानों पर छापा मारा। निर्माण सामग्री पर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी गई है।
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जांच करने पहुंची टीम जब दस्तावेज खंगाल रही थी उसी समय नटवर गोयल के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते टीमें सही तरीके से जांच भी नहीं कर सकीं।

टीमों ने करोड़ों रुपये के फ्लैट एवं दुकान की बुकिंग एवं सेल के दस्तावेजों को जब्त किया है। जॉइंट कमिश्नर दिनेश कुमार मिश्र के मुताबिक नटवर गोयल की बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के लालबाग कैपर रोड स्थित हेड ऑफिस एवं गंज ट्रेडिंग सेंटर की जांच की।
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हेडऑफिस की जांच में पाया कि नीचे के दो तल किराए पर दिए गए ,लेकिन ऊपर के दो तल की साइट को बुकिंग एवं एडवांस लेकर वहीं व्यापारिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि किसी भी व्यापार स्थल पर कोई नियमित अभिलेख नहीं मिले।

बुकिंग के कच्चे बिल एवं रजिस्टर को जब्त कर लिया है। इन दस्तावेजों की जांच सोमवार को की जाएगी। वहीं नटवर गोयल को नोटिस जारी कर पांच दिन में जवाब तलब किया गया है। छापामारी में विकास द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

यहां पर कार्रवाई
बीसीसी प्लाजा टिकैत राय तालाब राजाजीपुरम, ब्लू माउंटेन वृंदावन योजना, ग्रेविटी अपार्टमेंट टिकैत राय तालाब, अवध अपार्टमेंट बारूदखाना गोलागंज, रिवर व्यू अपार्टमेंट तिलक मार्ग, शक्ति अपार्टमेंट फैजाबाद रोड, टावर अर्जुनगंज, सांई धाम निशातगंज, अयोध्या पैलेस हजरतगंज, हेमरत्ना रेजीडेंसी हजरतगंज, राधा कृष्ण अपार्टमेंट फैजाबाद रोड पर 10 टीमों ने जांच कर कार्रवाई की।
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एडवांस बुकिंग कर एडवांस लेने का आरोप

- फोटो : amar ujala
सांई धाम, अयोध्या पैलेस, हेम रत्ना रेजीडेंसी, राधा कृष्ण अपार्टमेंट, बीसीसी टावर, बीसीसी प्लाजा, ग्रेविटी अपार्टमेंट, विजन अपार्टमेंट, अवध अपार्टमेंट में निर्माण चलता पाया गया। जांच के दौरान साइट कर्मियों ने बताया यहां पर फ्लैट की बुकिंग करते हुए एडवांस भी लिया जा रहा है।

नहीं दीं लेखा पुस्तकें
डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद नाजिम के मुताबिक टीमों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों की जांच की ,लेकिन न तो नटवर गोयल ने लेखा पुस्तकें जांच के लिए दी और न ही कर्मचारियों ने। इसके कारण बिके फ्लैट एवं दुकान की कीमतों का सही आंकलन नहीं हो सका। हालांकि जो दस्तावेज मिले, उसे टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

ग्राहकों की रकम से बना रहे टॉवर
नटवर गोयल की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर कार्रवाई करने से पहले टीम ने कई दिनों तक रेकी की। इस रेकी की पड़ताल में पाया कि कंपनी के जितने भी टॉवर बन रहे हैं, उनको ग्राहकों की रकम से बनाया जा रहा है।

बुकिंग के रूप में जो रकम लेते हैं, उसी से निर्माण सामग्री सरिया, सीमेंट, ईट, मौरंग, बालू, टाईल्स व अन्य सामग्री खरीदते हैं, लेकिन टैक्स नहीं चुकाते हैं।
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