कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने रविवार को महिलाओं और छात्राओं से शक्ति संवाद किया। जिला अस्पताल चौराहा स्थित रिफार्म क्लब में लड़की हूूं लड़ सकती हूं महिला सशक्तिकरण अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने हक के लिए खुद लड़ना पड़ेगा। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि तुम लड़ो, मैं तुम्हारे साथ हूं। जितनी भी शक्ति मुझमें है, वह तुम्हारे साथ है। कांग्रेस तुम्हारे साथ है। मिलकर देश-प्रदेश में परिवर्तन लाएंगे। देश और प्रदेश की बेहतरी में महिलाओं को नकारा नहीं जा सकता। महिलाएं चुप नहीं रह सकतीं, वे अपना हक मांगेंगी।
उन्होंने कहा कि दो साल पहले मुझे कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। तब से मैं उत्तर प्रदेश में जगह-जगह लोगों से मिल रही हूं। कुछ साल पहले उन्नाव में एक लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था और उसके बाद उसे जला दिया गया था, फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। मैं उसके घर गई थी, उसकी भाभी थी। उसके परिवार को धमकाया गया। उसके पिताजी को पीटा गया। उसके पिताजी ने कुछ नहीं कहा। कुछ समय बाद उसकी भाभी फूट-फूटकर रोने लगी। आगे कहा कि हाथरस में भी एक लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था। रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने उसके मां-बाप को उसका चेहरा तक देखने नहीं दिया।
प्रियंका ने आगे बताया कि कुछ समय पहले मैं ललितपुर गई थी। वहां दो किसानों ने आत्महत्या कर ली थी। वहां एक किसान की बेटी कविता ने बताया कि उसकी मां अकेली पड़ जाएगी। उसकी देखभाल कौन करेगा। नई-नई शादी हुई थी। मेरे मन में आया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर इतना अत्याचार हो रहा है। किसान ने आत्महत्या की। अंत में उसका बोझ एक महिला उठा रही है। बार-बार यही दिखता है, जहां-जहां जाती हूं, वहां महिलाओं पर अत्याचार की बात सामने आती है।
मेरे मन में आया कुछ काम करना चाहिए
प्रियंका गांधी ने कहा कि जब मैं सीतापुर में गिरफ्तार हुई तो वहां मेरी पुलिस की बहनें खड़ी थीं। मुझे गिरफ्तार करना पुलिस बहनों का कर्तव्य था जिसका फर्ज उन्होंने निभाया। चार बजे मुझे गिरफ्तार करके ले गए। एक महिला पुलिस कर्मी का नाम रिचा था और एक का नाम मधु था। मेरे मन में आया कि चार बजे हैं। यहां सड़क पर खड़ी होकर अपनी ड्यूटी कर रही हैं। बच्चे घर पर हैं। अभी इन्हें घर जाकर परिवार भी संभालना पड़ेगा। मैंने उनसे बात की। उसके बाद उन्होंने अपनी पीड़ा मुझे बताई।
हर जगह, जहां भी देखिए महिला का शोषण हो रहा है। मेरे मन में आया कि इस पर कुछ काम करना चाहिए। हम क्या कर सकते हैं, हम सिर्फ आपको समझा सकते हैं कि अपने अधिकारों के लिए लड़ो। हमने एक महिला का घोषणा पत्र तैयार किया कि परिवर्तन लाना है तो हम सब को एकजुट होकर लाना होगा। हमें समझना होगा कि हम देश की आधी आबादी हैं, कोई हमें राजनीति में सीरियसली क्यों नहीं ले रहा है। मुझसे दिल्ली में मिलने कोई क्यों नहीं आ रहा है।
यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि चाहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हों या आशा बहू। आप बताइए, अगर सारी महिलाएं एकजुट हो जाएं तो कितना बड़ा परिवर्तन आ सकता है। हमें विकास की राजनीति चाहिए। अगर इस देश की सारी महिलाएं एकजुट हो जाएं तो देश की राजनीति बदल सकती है। महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें व एकजुट हों। हमने नारा दिया कि लड़की हूं लड़ सकती हूं। एक घोषणा पत्र दिया। बाकी पार्टियों ने इसके बाद घोषणा शुरू कर दी और आशा बहुओं का मानदेय ही बढ़ा दिया। उनको पता चल गया है कि महिलाएं लड़ सकती हैं। परसों प्रधानमंत्री जी एक ऐसी सभा करने जा रहे हैं जिसमें उन्होंने केवल महिलाओं को ही बुलाया है। मैं तो बहुत खुश हूं। सारी पार्टियां कह रही हैं कि अगर उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया तो महिलाएं उन्हें वोट नहीं देंगी। देखिए हमने छोटी पहल की और कितना बड़ा बदलाव हो गया।
शौचालय व गैस सिलिंडर नहीं, नौकरी दें
प्रियंका गांधी ने कहा कि कल अमेठी में थी। वहां मेरे साथ मंच पर रमाकांती थी। कुछ साल पहले जब मुझे रमाकांती मिली तभी वह कांग्रेस में शामिल हुई थी। उसने बताया कि वह अपनी बेटी को पढ़ा नहीं सकी। जब लोग खेतों में काम करने चले जाते थे तो वह साड़ी में फॉल लगाती थी और बाजार में बेच देती थी। उसके बाद उसने चुपचाप अपनी बेटी को स्कूल भेजना शुरू किया। बाद में उसके ससुर और सास ने डांटा तो उसने अपने सास-ससुर से सौदा किया कि मुझे उसको स्कूल भेजने दो, इसकी पढ़ाई की फीस भर लूंगी तो सब मान गए। रमाकांती के साथ उसकी बेटी भी मंच पर थी। उसकी बेटी नौकरी के लिए प्रयास कर रही है। यह मत सोचिए कि सरकार ने आपको गैस सिलिंडर व शौचालय दे दिया। यह महिलाओं को सशक्त करने का माध्यम नहीं है। आपको पढ़ाए, लिखाए व नौकरी दे। समाज में ऐसा माहौल बनाएं कि आप के साथ अत्याचार न हो। महिला पर अत्याचार होता है तो आरोप भी महिला पर ही लगा दिया जाता है। इतना ही नहीं, महिलाओं का एफआईआर तक दर्ज नहीं किया जाता है। यह गलत है। आप अपनी शक्ति नहीं पहचान रहे।
सरकार के पास बहुत पैसा है, सही जगह पैसा लगाया नहीं जा रहा
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार के पास बहुत पैसा है लेकिन उसे सही जगह नहीं लगाया जा रहा है। बड़े-बड़े हवाई जहाज में देश के प्रधानमंत्री उड़ते हैं। जिस हवाई जहाज से वह उड़ते हैं, उसकी कीमत 8000 करोड़ रुपये है। कोरोना काल में आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बहुत काम किया लेकिन सरकार ने उनके लिए कुुछ नहीं किया। आपने देश की इतनी सेवा की है तो सरकारों का फर्ज बनता है कि वह आपके लिए काम करे। उन्होंने आह्वान किया कि आप हमें शक्ति दीजिए, हम आपको शक्ति देंगे। हम सब महिलाएं हैं। संघर्ष हमारा जीवन लेकिन हम जानना चाहते हैं, हम अगर एकजुट हो जाएंगे तो कोई हमें रोक नहीं पाएगा।