प्रदेश में उन फर्मों को नया काम नहीं मिलेगा, जिन्होंने अनुबंध होने के बावजूद पुराने कामों को शुरू नहीं किया है। सड़कों के निर्माण के संबंध में पीडब्ल्यूडी इस फैसले को लागू करने जा रही है। इसके लिए टेंडर से संबंधित चाणक्य और प्रहरी एप में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।
हाल ही में विभाग में पिछले तीन महीनों के कामों की समीक्षा की गई। पता चला कि काफी ठेकेदार ऐसे हैं, जिन्होंने अनुबंध पर दस्तखत होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं किया है। इसके चुनावी वर्ष में तमाम तरह की दिक्कतें आ रही हैं। जबकि, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सबसे कम दर देने वाली फर्म या ठेकेदार के पक्ष में अनुबंध गठित किया जाता है। अनुबंध होने की तिथि को ही काम शुरू करने की तिथि माना जाता है।
पीडब्ल्यूडी में टेंडर की प्रक्रिया प्रहरी एप पर शुरू होती है। जब अनुबंध बन जाता है, तो चाणक्य एप पर ले लिया जाता है। अब प्रहरी और चाणक्य को एक-दूसरे से लिंक करते हुए ऐसा विकल्प दिया जाएगा, जिससे पता चलेगा कि ठेकेदार ने पहले गठित अनुबंध पर काम शुरू किया या नहीं। अगर उसने पुराने अनुबंध का काम शुरू नहीं किया है, तो उस फर्म को नया काम नहीं मिलेगा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मूल्यांकन की इस व्यवस्था में विगत तीन महीनों के रिकॉर्ड को शामिल करने के लिए सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव जल्द किए जाएंगे।