लखनऊ। गोमती नगर स्थित नगर निगम की कार्यशाला के सामने खाली पड़ी जमीन पर कचरा प्रबंधन योजना के तहत ट्रांसफर स्टेशन बनाने का विरोध शुरू हो गया है। रविवार को क्षेत्रीय पार्षद और आसपास की कॉलोनियों के लोगों ने कार्यस्थल के साथ एल्डिकोग्रीन स्थित नगर आयुक्त के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन किया। काम बंद कराने के लिए दो घंटे तक प्रदर्शन चला, लेकिन निगम प्रशासन ने साफ किया कि काम बंद नहीं होगा। इस पर पार्षद राजेश सिंह गब्बर ने बुधवार को नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
केंद्रीय कार्यशाला के सामने कंपोस्ट प्लांट वाली जमीन पर 15 दिन पहले निगम प्रशासन ने डीजल चोरी का मामला पकड़ा था। इसके बाद निगम प्रशासन ने वहां पर जमा कबाड़ और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर अब उसी परिसर में पीछे की ओर जमा मलबा साफ कर ट्रांसफर स्टेशन बनाने का काम शुरू किया है। इसका एल्डिकोग्र्रीन, नेहरू एंक्लेव, मेट्रो सिटी, पेपर मिल सहित कई कालोनियों के लोग विरोध कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन में शामिल अजय अग्रवाल, आलोक आचार्य, गुरमीत सिंह, मनोज आदि ने कहा कि कूड़ा घर बनने से समस्या हो जाएगी। पता चला है कि कूड़ा घर बनने के बाद काफी वार्डों का कूड़ा लाकर डंप किया जाएगा, जिससे समस्या होगी। पार्षद राजेश सिंह गब्बर ने आरोप लगाया कि यह एक बड़े होटल वाले को फायदा पहुंचाने के लिए ग्वारी का ट्रांसफर स्टेशन बंद किया जाना है। उसकी जगह ही सलेज फार्म पर नया ट्रांसफर स्टेशन बनाया जा रहा है, जिसे बनने नहीं दिया जाएगा। निगम प्रशासन यदि काम बंद नही कराएगा तो सोमवार को महापौर, नगर विकास मंत्री, मुख्यमंत्री और शासन को पत्र भेजेंगे। उसके बाद बुधवार को नगर निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे। विरोध प्रदर्शन की जानकारी के बाद अपर नगर आयुक्त अभय पांडेय मौके पर पहुंचे और समझाया लेकिन विरोध करने वाले नहीं माने।
पहले से जमा था कूड़ा, अब सुधार रहे स्थिति
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि जहां पर ट्रांसफर स्टेशन बनाया जा रहा है वहां पर तो पहले से कूड़ा पड़ता था। इससे काफी गंदगी थी, जिसे साफ कराया गया और अब नया ट्रांसफर स्टेशन बनाया जा रहा है। ऐसे में बेवजह का विरोध किया जा रहा है। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। काम बंद नहीं होगा। कचरा प्रबंधन योजना के तहत शहर में पांच नए ट्रांसफर स्टेशन बनने हैं, ताकि शहर स्वच्छता रेटिंग में ऊपर आ सके।