फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: आउटसोर्सिंग से भर्ती व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव

Mon, 27 May 2019 04:24 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन

प्रदेश में युवाओं के शोषण और सरकार की फजीहत का सबब बनी आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव है। सरकार ड्राफ्ट पर कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव लेने का काम कर रही है। इसे जल्द से जल्द से कैबिनेट की मंजूरी लेने की योजना है।

विज्ञापन


प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी नियुक्तियां आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए की जा रही हैं। इन एजेंसियों के लिए न तो कोई स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया है और न ही चयनित कर्मियों के मानदेय भुगतान की कोई फुलप्रूफ व्यवस्था। निश्चित समय के लिए की जाने वाली इन भर्तियों में रिन्यूवल के नाम पर अलग खेल चलता है। नतीजा ये होता है कि सरकारी खजाने से सेवा प्रदाता एजेंसियों से होने वाली इन भर्तियों में आम युवाओं को समान भागीदारी का अवसर नहीं मिल पाता।

शायद यही वजह है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों की चयन से लेकर चयनित कर्मियों के भुगतान की प्रणाली सवालों से घिरी रहती है। सपा सरकार में पंचायतीराज विभाग में आउटसोर्सिंग में गड़बड़झाला चर्चा का विषय बना था। मौजूदा सरकार में कलेक्ट्रेट व तहसीलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की नियुक्ति में गड़बड़झाला फजीहत का सबब बना हुआ है। कलेक्ट्रेट व तहसीलों की चयन प्रक्रिया रद की जा चुकी है। पूर्व कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभात कुमार इस प्रणाली की खामियों को उजागर कर सरकार से इसमें सुधार की सिफारिश कर चुके हैं।
विज्ञापन


शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए नई नीति बनाई जा रही है। नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और उस पर सुझाव प्राप्त करने का काम चल रहा है। नीति में चयन प्रक्रिया तय करने के साथ भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का प्रस्ताव है। अधिकारी ने बताया कि इस नीति को जल्द से जल्द अंतिम रूप देकर कैबिनेट की मंजूरी लेने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें