राज्य सरकार ने प्रांतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को दीपावली के पहले प्रोन्नति का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों को एएसपी के विभिन्न ग्रेड पे में प्रोन्नति दी गई है। सरकार के इस फैसले से प्रांतीय पुलिस सेवा संवर्ग के 52 अधिकारी लाभान्वित होंगे। नव प्रोन्नत अधिकारियों में 21 अधिकारियों को एएसपी, विशेष श्रेणी-एक, ग्रेड पे-8700 में, 21 अधिकारियों को एएसपी, विशेष श्रेणी-एक, ग्रेड पे-8900 में तथा 10 अधिकारियों को एएसपी उच्चतर श्रेणी ग्रेड पे-10000 में प्रोन्नति दी गई है।
आगे से अंतर विभागीय समायोजन नहीं
पीएसी से नागरिक पुलिस में भेजे गए जवानों की पदावनति के मामले में नए फैसले के साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि आगे से इस तरह का अंतर विभागीय समायोजन नहीं होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी ऐसा काम नहीं किया जाए, जिससे पुलिस व पीएसी के जवानों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े।
अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि भविष्य में पीएसी के किसी कार्मिक को नागरिक पुलिस में नहीं भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएसी मुख्यालय द्वारा पीएसी एवं नागरिक पुलिस में प्रोन्नति के अवसर समानांतर करने के लिए भी अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस एवं पीएसी कर्मियों के शौर्य और सेवाभाव की सराहना करते हुए निर्देश दिए हैं कि संबंधित कार्मिक जो पीएसी से निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप शासकीय हित में 29 नवंबर 2004 तक नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष सशस्त्र पुलिस (एपी) में भेजे गए थे, उस दिनांक को एपी में रिक्त पदों के सापेक्ष संबंधित कार्मिक संविलीन माने जाएंगे। तय हुआ है कि डीजीपी मुख्यालय द्वारा गत 9 सितंबर को जारी नागरिक पुलिस कार्मिकों की पदावनति के आदेश को वापस लिया जाए। पीएसी के जो कार्मिक 29 नवंबर 2004 के बाद सशस्त्र पुलिस/नागरिक पुलिस में चले गए थे, यदि वे निर्धारित मानक पूरे करते हों तो उन्हें भी नागरिक पुलिस में संविलीन किया जाए।