प्रदेश में जापानी कंपनियों के माध्यम से ‘खाद्य मूल्य शृंखला’ (फूड वैल्यू चेन) विकसित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार और जापान के बीच समझौता (‘मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन’) होगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। समझौते के तहत जापान की प्रमुख कंपनियां प्रदेश में कृषि एवं खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश करेंगी। यह समझौता 5 साल के लिए होगा।
प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि इससे पहले भी जापान के साथ वानिकी आधारित परियोजनाओं के लिए समझौता हुआ है। इसी तर्ज पर सरकार ने यह समझौता करने का फैसला किया है। जापान यूपी में कृषि, वानिकी एवं मत्स्य पालन विभाग के साथ मिलकर इस क्षेत्र में निवेश करेगा।
इसके लिए राज्य सरकार जापानी कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराने व अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए घोषित प्रोत्साहन योजनाओं के मुताबिक मदद देगी। जरूरत पर सरकार उन्हें पट्टे पर भी जमीन उपलब्ध कराएगी।
जापान की कंपनियों के यूपी में आने से यहां के लोगों को रोजगार मिलेंगे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में जापान की अत्याधुनिक तकनीक का भी लाभ मिलेगा।