राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस पर कार्यक्रम की शुरुआत करते वीसी
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान ओरल पैथोलॉजिस्ट डॉ. विनीत राज ने बताया कि तमाम मरीज शुरुआती बायोप्सी से डरते हैं। मुंह में बनने वाली गांठ या छाला कैंसर का रूप ले रहा है या नहीं, इसकी जानकारी बायोप्सी से मिल जाती है और उसी हिसाब से दवाएं चलती हैं।
उन्होंने कैंसर और प्री-कैंसर मरीजों में बायोप्सी करने की तरीके भी बताए। इससे पहले कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट् ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए लोगों को जागरूक करने की अपील की।
इस दौरान डॉ. शालिनी गुप्ता की निगरानी में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में सोलंकी, वैष्णवी, सारा व दिवेष्ट ने प्रथम स्थान, तईम, सूरज, आशीष, मो. उबैद, सचिन ने द्वितीय और अनुज, सौभाग्य, आशीष व ऋषभ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मौके पर डीन डॉ. अनिल चंद्रा, डॉ. शादाब मोहम्मद, डॉ. आरएन माथुर, डॉ. जीके सिंह मौजूूद थे।