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Lucknow News: निजी वाहन चालक आज से शुरू करेंगे स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन

Tue, 09 Jan 2024 08:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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सीतापुर। हिट एंड रन कानून में संशोधन को लेकर निजी चालक स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन की बुधवार से शुरूआत करेंगे। इसको लेकर चालक एकता संघ की बैठक मंगलवार को लालबाग पार्क में आयोजित की गई। जिसमें चालकों से स्टेयरिंग छोड़ने की अपील की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर कोई चालक साथ नहीं देता है तो समय पड़ने पर संगठन उनके साथ मदद के लिए खड़ा नहीं होगा।
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नेताओं ने कहा कि सभी चालक रात में ही अपने-अपने वाहनों को सुरक्षित जगह खड़े कर दें। फिर अपने घर चले आएं। बुधवार सुबह से ही स्टेयरिंग छोड़ो हड़ताल की शुरूआत हो जाएगी। जब तक केंद्र सरकार की ओर से कानून में सहूलियत दिए जाने की लिखित चिट्ठी नहीं मिल जाएगी। तब तक हड़ताल भी जारी रहेगी। जब तक इसमें सुधार नहीं होता तब तक चालक सुरक्षित नहीं है। जो भी वाहन चालक इस आंदोलन में सहयोग नहीं करेगा। वह भविष्य में होने वाली समस्याओं का खुद ही जिम्मेदार होगा।
अध्यक्ष पिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि आंदोलन शहर के कांशीराम कॉलोनी के पास बुधवार सुबह से शुरू हो जाएगा। सिख संगठन अध्यक्ष गुरुपाल सिंह ने बताया यह कानून आम जनमानस पर भी लागू है। लेकिन इसका विरोध सिर्फ ट्रक, बस चालक ही कर रहे हैं। बैठक में चालक सत्रोहन लाल, रामू शाह, विनोद पाल, बबलू सिंह, अरविंद कुमार, प्रदीप कुमार, सर्वेश कुमार, अरविंद यादव आदि मौजूद रहे।
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जबरदस्ती करने पर होगी कार्रवाई
आंदोलन को देखते हुए समुचित पुलिस बल लगाया जाएगा। एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि अपनी इच्छा से वाहन संचालित करने वाले किसी भी चालक को जबरन रोका नहीं जाएगा। अगर किसी दशा में ऐसा होता है तो पुलिस चालक की मदद करेगी। चालक के साथ जबरदस्ती करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन विभाग की चलेंगी बसें
परिवहन विभाग के चालक दीपक मिश्र ने बताया कि अभी तक निगम के चालकों ने स्टेयरिंग छोड़ने का कोई मन नहीं बनाया है। वह किसी हड़ताल पर नहीं रहेंगे। अगर संगठन के उच्चाधिकारियों का निर्देश आता है। तो उस निर्देश को तुरंत ही माना जाएगा।

इन पर पड़ सकता है असर
ट्रकों की हड़ताल होने से सब्जियों के दामों पर खासा असर देखने को मिल सकता है। अधिकांश सब्जियां गैर प्रांत से जिले में आती हैं। ऐसे में लोगों को समस्या हो सकती है। इसके साथ ही घरेलू ईंधन सप्लाई, गन्ना सेंटर, भवन निर्माण आदि कार्यों पर हड़ताल का असर पड़ सकता है। वैसे देखा जाए तो चालकों को भी काफी आर्थिक नुकसान इस हड़ताल से उठाना पड़ सकता है।
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