प्रतिकूल असर की समय पर जानकारी व प्रबंधन के लिए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और जिला एईएफआई कमेटी को समन्वय करना होगा। यह नेशनल एईएफआई कमेटी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को रिपोर्ट करेंगे। टीके के प्रतिकूल असर के प्रबंधन के लिए सरकारी व्यवस्था के साथ ही निजी चिकित्सकों को भी शामिल किया जाएगा।
प्रत्येक टीकाकरण टीम के साथ रहेंगे मेडिकल ऑफिसर
परिवार कल्याण के महानिदेशक डॉ. राकेश दुबे का कहना है कि प्रत्येक टीकाकरण में प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए चिकित्सकों की टीम एलर्ट रहती है। कोराना टीकाकरण में भी टीम के साथ मेडिकल अफसर निगरानी के लिए रहेगा। यदि कोई दिक्कत आती है तो नजदीकी अस्पताल में प्रतिकूल असर के प्रबंधन के लिए तैयार रहेंगे।