फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी चुनाव की तैयारी : शिवपाल के आवास पर मिलने पहुंचे ओवैसी, प्रदेश की सियासत में बढ़ी हलचल

Tue, 21 Sep 2021 10:52 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

शिवपाल सिंह यादव और असदुद्दीन ओवैसी के बीच मंगलवार को हुई बैठक से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। शिवपाल सिंह के आवास पर दोनों के बीच बंद कमरे में करीब घंटे भर चर्चा हुई।
विज्ञापन
असदु्द्दीन ओवैसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और आल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बीच मंगलवार को हुई बैठक से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है। शिवपाल सिंह के आवास पर दोनों के बीच बंद कमरे में करीब घंटे भर चर्चा हुई। इसे भविष्य में होने वाले गठबंधन के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऐसे में नए सियासी समीकरण की भी सुबगुबाहट शुरू हो गई है।

विज्ञापन


प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव एक तरफ समाजवादी पार्टी से गठबंधन की राह देख रहे हैं तो दूसरी तरफ अपनी चुनावी तैयारी भी शुरू कर दिए हैं। इस बीच मंगलवार को उनके आवास पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पहुंचे। दोनों की बंद करने में करीब घंटे भर बातचीत हुई। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों को खेवनहार की तलाश है। ऐसे में यह मुलाकात अहम मानी जा रही है। शिवपाल सिंह यादव लगातार भाजपा को हराने और समान विचारधारा वालों के साथ-साथ रहने की वकालत कर रहे हैं। वे भाजपा सत्ता से बेदखल करने के लिए विभिन्न दलों के साथ गठबंधन की बात भी करते हैं। कुछ ऐसी ही ख्वाहिश ओवैशी भी जताते रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात संकल्प भागीदारी मोर्चा में शिवपाल सिंह यादव के कदम खींचने की तरफ इशारा कर रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि ओवैसी ने इसके लिए शिवपाल सिंह यादव को न्यौता भी दिया है। उनका तर्क है कि सभी लोग एक मंच पर आकर प्रदेश में तीसरे मोर्चा का विकल्प तैयार कर सकते हैं। हालांकि शिवपाल सिंह यादव ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है। उनका कहना है कि ओवैसी से प्रदेश के बिगड़े हालात को लेकर चर्चा हुई है। भाजपा की ओर से की जा रही मनमानी, झूठे प्रचार, सत्ता पक्ष द्वारा जनता की अनदेखी सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई है। सियासी गठबंधन जैसे मुद्दे पर अभी बात नहीं हुई है। प्रसपा किसके साथ रहेगी, यह अभी तय नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें