वक्त पर बिल न जमा करने या किसी अन्य वजह से बिजली कनेक्शन कटने पर उसे जुड़वाने के लिए उपभोक्ताओं को अब 150 रुपये के बजाय 500 रुपये देना पड़ेगा। पावर कॉर्पोरेशन ने शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव नियामक आयोग को सौंपा है। दिलचस्प यह कि 2017-18 के लिए प्रस्तावित बिजली दरों पर चल रही जनसुनवाई के बीच पावर कॉर्पोरेशन ने गुपचुप तरीके से यह प्रस्ताव दाखिल किया है।
मौजूदा समय में बिजली के बिल बकाए या किसी अन्य कारण से काटे गए कनेक्शन को जुड़वाने के लिए उपभोक्ता को 150 रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है। कनेक्शन काटने का शुल्क भी वसूला जाता है। पावर कॉर्पोरेशन की ओर से नियामक आयोग के समक्ष दाखिल प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 500 रुपये करने को कहा गया है। आगे कनेक्शन कटने पर उसे जुड़वाने के लिए हर बार 250 रुपये अतिरिक्त शुल्क जोड़ने का प्रस्ताव है। यानी किसी उपभोक्ता का कनेक्शन अगर तीन बार कटता है तो उसे 1000 रुपये शुल्क जमा करना पड़ेगा।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक 100 हॉर्स पावर व 75 किलोवाट के ऊपर के उपभोक्ताओं के लिए 500 रुपये शुल्क था जिसे बढ़ाकर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव है।100 हॉर्स पावर व 75 किलोवाट से कम के उपभोक्ताओं के लिए शुल्क 275 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रस्तावित प्रस्तावित किया गया है। सूत्रों के अनुसार नियामक आयोग के चेयरमैन एसके. अग्रवाल के लखनऊ से बाहर होने की वजह से अभी कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव पर विचार नहीं हुआ है।