राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारियों का कहना है कि हरदुआगंज व पारीछा में कोयले का स्टॉक लगभग समाप्त हो गया है। अनपरा में दो और ओबरा में ढाई दिन का कोयला शेष बचा है।
कोयले का स्टॉक व रोजाना की जरूरत
बिजली घर स्टॉक जरूरत
हरदुआगंज 4022 8000
पारीछा 9682 15000
अनपरा 86426 40000
ओबरा 42433 16000
(आंकड़े मीट्रिक टन में; अनपरा से मिली जानकारी के अनुसार, इकाइयों को कम क्षमता पर चलाने की वजह से परिचालन में कोयले और ईंधन की खपत बढ़ गई है। इससे परियोजनाओं पर दोहरी मार पड़ रही है।)
समस्या के जल्द निदान की उम्मीद
सरकार तय शिड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति के लिए प्रयासरत है। ऊर्जा विभाग के अधिकारी केंद्रीय कोयला एवं ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। पावर कॉर्पोरेशन को एनर्जी एक्सचेंज समेत अन्य स्रोतों से बिजली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। कोयले की समस्या का जल्द निदान होने की उम्मीद है।’
- श्रीकांत शर्मा, ऊर्जा मंत्री
- लॉकडाउन खुलने और अर्थव्यवस्था में सुधार होते ही देश में सभी क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा है। जिससे बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है।
- सितंबर में अधिक बारिश होने से खदानों में पानी भरने के कारण भी कोयले का उत्पादन कम हुआ है। मानसून से पहले कोयले का पर्याप्त स्टाक भी नहीं किया गया।
- विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश से आने वाले कोयले की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय वृद्धि ने भी मुश्किलें बढ़ाई हैं। भारत में अमेरिका और इंडोनेशिया से कोयला आता है।
देश में सिर्फ तीन दिन का कोयला बचा, ग्रिड फेल होने का संकट
नई दिल्ली। देश के बिजली संयंत्रों में सिर्फ तीन दिन का कोयला बचने से ग्रिड फेल होने संकट बढ़ गया है। ऊर्जा मंत्रालय से शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक में पावर ग्रिड को बचाने की रणनीति बनाने के साथ कोयला मंत्रालय को भी कड़े कदम उठाने के सुझाव दिए हैं।