निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण आरके तोमर का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज में आलू अक्तूबर तक ही रखा जा सकता है। इसके बाद रखने पर सड़न की स्थिति बनने लगती है। ऐसे में किसानों को अब निकासी बढ़ानी चाहिए। किसानों को सलाह है कि वह ज्यादा से ज्यादा आलू बाहर निकालें। नए कृषि कानूनों में देश भर की मंडी किसानों के लिए खुली है। किसान कहीं भी आलू बेंच सकते हैं। उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए।
आलू का भंडारण
वर्ष -- मात्रा (लाख मीट्रिक टन में)
2014-15 -- 109.29
2015-16 -- 113.73
2016-17 -- 120.29
2017-18 -- 111.65
2018-19 -- 121.99
2019-20 -- 98.18
2020-21 -- 133.01
आलू की कीमत औसत थोक बाजार भाव
माह -- वर्ष-2020 -- वर्ष-2021
जनवरी -- 1270 -- 848
फरवरी -- 1050 -- 667
मार्च -- 1209 -- 707
अप्रैल -- लॉक डाउन -- 838
मई -- 1502 -- 1005
जून -- 1654 -- 1023
जुलाई -- 1995 -- 1032
नोट- बाजार भाव रुपये प्रति क्विंटल में है।