डॉ. पीके पवार : संयुक्त निदेशक न्यूट्रीशियन मुख्यालय लखनऊ के पद पर तैनाती है। डॉ. रामपाल सिंह के रिटायर होने के बाद शुक्रवार को बायोलाजिकल प्रोडक्शन संस्थान लखनऊ के अपर निदेशक ग्रेड-2 व ग्रेड-1 के दो रिक्त हुए पदों का भी प्रभार सौंप दिया गया है।
डॉ. आनंद कुमार : बायोलाजिकल प्रोडक्शन संस्थान लखनऊ में संयुक्त निदेशक (कुक्कुट लैब) के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान में ही अपर निदेशक ग्रेड-2 मानकीकरण के पद पर कार्यरत डॉ. सुभाष चंद्र जायसवाल भी शुक्रवार को रिटायर हो गए। इस रिक्त पद की जिम्मेदारी भी डॉ. आनंद को दी गई है।
डॉ. प्रमोद कुमार सिंह : उन्नाव के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हैं। डॉ. सुभाष के पास लखनऊ मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी था। इनके रिटायर होने के बाद लखनऊ मंडल की जिम्मेदारी भी डॉ. प्रमोद संभालेंगे।
डॉ. सुनील कुमार सिंह : ललितपुर के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हैं। शुक्रवार को ललितपुर के सीवीओ डॉ. शशि प्रताप सिंह रिटायर हो गए। अब डॉ. सुनील को सीवीओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
डॉ. अनिल कंसल : मेरठ के सीवीओ हैं। मेरठ में संयुक्त निदेशक गायनो. के पद पर कार्यरत डॉ. राकेश कुमार सिंह भी रिटायर हो गए। अब इनकी जिम्मेदारी भी डॉ. कंसल को सौंप दी गई है।
डॉ. अश्वनी कुमार तिवारी : बस्ती के संयुक्त निदेशक (पैथो.) डॉ. ओम प्रकाश भी रिटायर हो गए। इनकी जिम्मेदारी बस्ती के उपमुख्य पशु चिकत्साधिकारी डॉ. अश्वनी को सौंपी गई है।
लखनऊ में विभाग के सबसे बड़े राजकीय पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक में सर्जन का पद खाली है। यहां तैनात सर्जन डॉ. नरवीर सिंह की मई में मृत्यु हो गई थी। तभी से ऑपरेशन ठप हैं। इस कारण लाखों के सर्जरी के उपकरण खराब हो हो रहे हैं।
निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग के डॉ. एसके मलिक का कहना है कि सभी संबंधित पदों पर पदोन्नति के प्रस्ताव शासन को भेज दिए गए हैं। निदेशालय स्तर पर कोई कार्यवाही लंबित नहीं है। शासन स्तर पर पदोन्नति की कार्यवाही प्रक्रिया में है। जब तक पद रिक्त हैं, कार्यवाहक के रूप में जिम्मेदारी दी गई है।
यूपी पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि मुख्यमंत्री ने पदोन्नति की कार्यवाही समय से करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विभाग में ऐसा न कर मनमानेपन को बढ़ावा दिया जा रहा है। चुनिंदा अफसरों तक कई-कई कार्य केंद्रित होने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी बढ़ती है। इससे कार्मिकों में सरकार के प्रति खराब धारणा बनती है। सरकार को तत्काल डीपीसी करवाकर पदोन्नति करानी चाहिए।