आरोप है कि छह अक्तूबर की शाम को करीब पांच बजे विवेक कुमार सिंह के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को उच्च न्यायालय इलाहाबाद, लखनऊ खंडपीठ का जज बताया। इसके बाद स्वास्थ्य भवन बिल्डिंग की देख-रेख का कार्य कराने वाले अधिकारी के बारे में पूछा। इस पर विवेक ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के बारे में बताया। आरोप है कि खुद को जज बताने वाले व्यक्ति ने किसी और अधिकारी व कर्मचारी के बारे में पूछा। वरिष्ठ विधि अधिकारी ने बताया कि बिल्डिंग में रख-रखाव का कार्य संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) की ओर से कराया जाता है। यह सुनने पर दूसरी ओर से बात कर रहे व्यक्ति ने कहा कि संयुक्त निदेशक (मुख्यालय) से कहें कि वह तत्काल मुझसे मेरे नंबर पर बात करें। संयुक्त निदेशक अवकाश पर थे। इसके बाद मामले की जानकारी उनके स्टाफ अफसर को दी गई।
इस बीच संदेह होने पर हाईकोर्ट के प्रोटोकॉल अधिकारी से संपर्क किया गया। छानबीन में सामने आया कि फोन करने वाले ने जिस जज का नाम बताया था उन्होंने कोई कॉल नहीं की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वजीरगंज थाने में शिकायत की गई। एसीपी राजकुमार सिंह का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। साइबर और सर्विलांस की मदद से फोन करने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।