राजधानी
में चुनावी जंग दिनोंदिन दिलचस्प होती जा रही है। प्रत्याशियों के समर्थक
ऐसा कोई भी मौका नहीं गवां रहे हैं जहां थोड़ा-बहुत भी वोट मिलने की
गुंजाइश हो।
कहीं-कहीं तो नेताओं का रंग-ढंग वोटरों को भी ‘कनफ्यूज’ कर दे
रहा है। मौका था बैसाखी पर्व का। राजधानी के सबसे बड़े गुरुद्वारे में सिख
समुदाय के लोगों का भारी जमावड़ा था।
उम्मीदवारों के लिए इससे अच्छा मौका
क्या हो सकता था। संयोग से सिद्धू पाजी भी शहर में थे सो राजनाथ सिंह उनके
साथ पहुंच गए मत्था टेकने।
राजनाथ सिखों से काफी अपनेपन से मिले और वहां
खासा वक्त भी दिया। उधर, राजनाथ की प्रतिद्वंद्वी रीता बहुगुणा भी पीछे
नहीं रहीं।
वह भी गुरुद्वारा पहुंची और जहां लंगर के लिए इंतजाम किया जा
रहा था वहां महिलाओं से घुलमिलकर बतियाने लगीं।
लगे हाथ रीता ने रोटियां
बेलकर महिलाओं के बीच यह संदेश भी दे डाला कि वह राजनीति करने के साथ-साथ
घर-गृहस्थी भी संभालती हैं। दोनों ने अपने-अपने ढंग से हाजिरी लगा दी। अब
वोटर तय करे किसे वोट देगा।