विशेषज्ञों का कहना है कि जहां तक मुफ्त बिजली का सवाल है तो इसका सरोकार बिजली की उपलब्धता से ज्यादा सरकारी खजाने से है। उत्तर भारत के पंजाब समेत दक्षिण भारत के ज्यादातर राज्य किसानों को मुफ्त बिजली दे रहे हैं। इसके एवज में सरकारें बिजली निगमों व बोर्डों को सब्सिडी देती हैं। प्रदेश में मुफ्त बिजली कभी नहीं दी गई।
इस बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उपभोक्ताओं को 300 यूनिट और किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली का एलान किया है। इसके लिए सपा फॉर्म भी भरा रही है।
बहरहाल, विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए लगभग 35,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। जानकारों का कहना है कि सरकार रियायती बिजली के लिए अभी 11,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। करीब 24,000 करोड़ रुपये का इंतजाम और करना पड़ेगा।
दिल्ली मॉडल पर दे सकते हैं फ्री बिजली
बिजली विशेषज्ञों का कहना है कि केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में मुफ्त बिजली दी है। उसी मॉडल पर यहां भी दी जा सकती है। इसके लिए फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना होगा। लंबे समय तक प्रदेश के बिजली क्षेत्र से जुड़े रहे एक अधिकारी तो आप नेता संजय सिंह के इस तर्क से सहमति जताते हैं कि जब सांसदों को 4000 यूनिट बिजली प्रतिमाह मुफ्त दी जा सकती है, तो यहां 300 यूनिट देने में क्या दिक्कत है? वित्तीय प्रबंधन में सुधार और महंगी बिजली खरीद पर रोक लगाकर यह किया जा सकता है।
बंद हों मुफ्त वाली घोषणाएं
पहले थोड़ी-बहुत रियायतें व सहूलियतों का एलान किया जाता था, लेकिन अब तो मुफ्त देने की होड़ है। बड़ा सवाल यह है कि जो घोषणाएं की जा रही हैं, क्या उसे सरकार अपने पार्टी फंड से पूरा करेंगी? तात्कालिक तौर पर भले ही राजनीतिक दलों को इसका फायदा हो सकता है, लेकिन इसके दूरगामी नतीजे बहुत अच्छे होने वाले नहीं हैं। पैसा तो जनता का ही है। इस तरह की घोषणाएं बंद होनी चाहिए। - अभय सरन कपूर, पूर्व सीएमडी, राज्य विद्युत उत्पादन निगम
सपा कर रही राजनीति, हमने तो आधी कर दीं कीमतें
सपा समेत सभी विपक्षी दल बिजली को लेकर राजनीति कर रहे थे। सपा हर साल बिजली दर बढ़ाती थी, जबकि हमने व्यवस्था को बदला है। किसानों की बिजली दर आधी कर हमने ईमानदारी से काम शुरू किया है। सरकार भविष्य में भी सस्ती बिजली देने के लिए संकल्पबद्ध है। - श्रीकांत शर्मा, ऊर्जा मंत्री
बिजली कंपनियों को राजस्व की गारंटी मिले
दिल्ली में करीब 38 लाख उपभोक्ताओं का बिल शून्य आता है। अगर यूपी में भी ऐसा होता है, तो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को इसका फायदा होगा। अलबत्ता ऐसा कोई कदम उठाने से पहले सरकार को यह गारंटी देनी चाहिए कि मुफ्त बिजली के एवज में बिजली कंपनियों को राजस्व की गारंटी मिले। सरकार इसका भुगतान सुनिश्चित करे, ताकि बिजली कंपनियां घाटे में न रहें।
-शैलेंद्र दुबे, चैयरमैन, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन