फोरेंसिक विश्वविद्यालय के लिए दो पाठ्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें पहला एमएससी इन फोरेंसिक साइंस दो वर्ष और चार सेमेस्टर का पूर्णकालिक पाठ्यक्रम होगा। इसमें दाखिले के लिए शैक्षिक अर्हता विज्ञान विषय की किसी भी शाखा, मेडिसिन, अभियांत्रिकी, फार्मेसी में न्यूनतम 55 प्रतिशत (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए 50 प्रतिशत) अंक या उसके समकक्ष ग्रेड के साथ स्नातक उपाधि होगी।
वहीं, दूसरे पाठ्यक्रम पीजी डिप्लोमा इन फोरेंसिक साइंस की अवधि एक वर्ष की होगी। इसमें दो सेमेस्टर होंगे। इसमें दाखिले के लिए शैक्षिक अर्हता विज्ञान विषय की किसी भी शाखा, मेडिसिन, अभियांत्रिकी, फार्मेसी में न्यूनतम 50 प्रतिशत के साथ स्नातक उपाधि होगी।
विश्वविद्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों के 496 पद प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, कंट्रोलर, डीन के पदों पर नियुक्तियां होंगी। साथ ही नियमों के तहत आने वाले अन्य काबिल लोग भी विश्वविद्यालय में अधिकारी के विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय में शैक्षणिक परिसर के साथ प्रशासनिक भवन, महिला व पुरुष छात्रावास, व्याख्यान कक्ष, पुस्तकालय, ऑडिटोरियम, अतिथिगृह, खेलकूद का मैदान, स्वीमिंग पूल, छात्रसंघ भवन एवं कैंटीन भी होगी।
जल्द ही मुख्यमंत्री को भेजेंगे प्रस्ताव
पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि लखनऊ में फोरेंसिक एवं पुलिस विश्वविद्यालय की स्थापना का मकसद फोरेंसिक व अन्य विषयों में दक्ष विशेषज्ञों की टीम तैयार करना और क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को मजबूत करना है। विश्वविद्यालय का प्रस्ताव लगभग तैयार है। जल्द ही इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।