लखनऊ के माल थाना परिसर में खड़ी गाड़ी के अंदर बोरे में छिपाकर रखे अस्थिपंजर व लंबे काले बाल का भांडा फूटने के साथ हत्या के सुबूत मिटाने के आरोप लगते देख एसओ ने जानवर का कंकाल बताकर मामला सुलटाने की कोशिश की। हालांकि हड्डियों के साथ बोरे में भरे लंबे बालों के सवाल पर चुप्पी साध ली।
वहीं, बसंतपुर में महिला की हत्या कर दफनाया शव गायब होने के मामले को झुठलाने में जुटे अफसरों ने शनिवार को एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
माल थाना परिसर में अरसे से खड़ी गाड़ी में छिपाकर रखे बोरे में युवती के अस्थिपंजर व बाल की खबर प्रमुखता से छपने पर एसओ वीरेंद्र कुमार सोनकर ने एसएसपी को सफाई दी कि अस्पताल के एक डॉक्टर व पशु चिकित्सक ने जानवर की हड्डियां होने की बात कही थी। बोरे में लंबे बाल के सवाल पर हिचकिचा रहे एसओ की फटकार लगाई।
एएसपी ग्रामीण डॉ सतीश कुमार व सीओ मलिहाबाद प्रमोद कुमार सिंह को बोरे में बंद मिले अस्थिपंजर और बसंतपुर में युवती की हत्या कर दफनाए शव के कब्र से गायब होने के मामले में गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। आला अफसरों के कड़े तेवर पर हरकत में आए सीओ ने बसंतपुर से संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
तीन महीने से लापता युवती के अस्थिपंजर का शक
- फोटो : amar ujala
थाने में गाड़ी में छिपाकर रखे अस्थिपंजर व बाल से संबंधित खबर पढ़कर गांव दन्नौर की रेखा सिंह ने लापता बेटी अंजली की हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि वह बेटी व बेटे के साथ 12 अगस्त को सीएचसी गई थी। वहां से अंजली लापता हो गई। कुछ पता न चलने पर 13 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराने को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने टरका दिया। इस पर वह अपने स्तर से तलाश में जुटी थी। महीना भर बाद गांव नारायणपुर में महिला का कंकाल मिलने की सूचना पहुंची। वहां कुछ हड्डियां व कपड़े पड़े थे। कपड़ों के आधार पर उसने अंजली की हत्या का अंदेशा जताया। एएसपी ग्रामीण से शिकायत पर पुलिस ने 29 सितंबर को गुमशुदगी दर्ज की।
इसके बाद 14 अक्तूबर को नारायणपुर के तालाब में मछलियां पकड़ने गए ग्रामीणों के जाल में एक बोरा फंसा। उसमें लंबे बाल व कंकाल भरे थे। पुलिस बोरे को उठा ले गई। रेखा ने कहा कि उसकी बेटी का तीन महीने बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने नारायणपुर में मिले बाल व कंकाल का डीएनए टेस्ट नहीं कराया।
नमक डालकर दफनाया था युवती का शव
बसंतपुर में अजीत सिंह के बाग में युवती की हत्या कर दफनाया शव गायब होने के मामले में अफसरों की फटकार पर हरकत में आई सीओ की टीम शनिवार को टोह लेने पहुंची। पता चला कि शव जल्द नष्ट करने के इरादे से नमक डालकर दफनाया गया था। शराब के नशे में धुत रहने वाले व्यक्ति द्वारा हफ्ता भर पहले एक दुकान से भारी मात्रा में नमक खरीदे जाने की भनक लगने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। युवक ने 14 नवंबर की रात दो युवकों के साथ बैठकर शराब पीने की बात कुबूली। इस पर उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की गई है। बसंतपुर के एक घर को संदेह के घेरे में लिया गया है।
सच उजागर करने के बजाय झुठलाने पर जोर
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बाग में युवती की हत्या करके दफनाए शव के गायब होने का सच उजागर करने के बजाय पूरा अमला मामला झुठलाने में जुटा है। जांच कर रहे एएसपी ग्रामीण ने बताया कि बसंतपुर के रियासत नामक व्यक्ति 19 नवंबर को पुलिस कंट्रोल कॉल करके बाग में युवती के शव सूचना देने की बात कही।
हालांकि उन्होंने रियासत से सच जानने की कोशिश नहीं की, क्योंकि सूचना देने वाला रियासत नहीं बल्कि रहीस है जो शहर में कपड़ों की सिलाई का काम करता है। एएसपी व सीओ ने बाग में दुर्गंध महसूस होने की पुष्टि की लेकिन उसकी वजह तलाशने के बजाय सब सामान्य बताया।
एसओ के बचाव में मीडिया पर आरोप
एएसपी ग्रामीण व सीओ मलिहाबाद का कहना है कि एसओ माल से नाराज कुछ मीडियाकर्मियों ने मामले को तूल दे दिया, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं था। दोनों अधिकारी नाराजगी की वजह नहीं बता सके।
शव गायब किए जाने के बाद बाग में फैली दुर्गंध, गड्ढे के पास बिखरे नमक के ढेले, अस्थिपंजर व बाल बरामद होने पर उन्हें पोस्टमॉर्टम या फोरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय थाना परिसर में छिपाकर रखने आदि के खेल नजरअंदाज करके मातहतों की करतूत पर परदा डालने की कोशिश है।