बलरामपुर के मदरसा अहले सुन्नत नुरुल उलूम अतीकिया महाराजगंज तराई में फर्जी दस्तावेज के सहारे शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में हजरतगंज पुलिस ने रविवार को नामजद आरोपी फैयाज अहमद को गिरफ्तार किया है। आरोपी फैयाज मदरसे में सहायक अध्यापक है। फर्जीवाड़े के केस में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस सुबूत जुटाने में लगी है। उनकी भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
12 अगस्त 2023 को मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार डॉ. प्रियंका अवस्थी ने हजरतगंज थाने में मदरसे के शिक्षक शहादत अली, फैयाज अहमद मिस्बाही, मदरसा प्रबंधक सुबराती, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बाबू श्रवण, प्रधानाचार्य, लिपिक अब्दुल कदीर पर फर्जीवाड़े का केस दर्ज कराया था। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी फैयाज अहमद मिस्बाही को गिरफ्तार किया गया है। केस की विवेचना के दौरान उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई है।
ऐसे उजागर हुआ था फर्जीवाड़ा
गोरखपुर निवासी एजाज अहमद ने 4 जुलाई 2023 को विभाग में एक शिकायत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि मदरसा प्रबंधन ने शिक्षक के एक ही पद पर एक ही पत्रांक व दिनांक दर्शाते हुए दो व्यक्तियों अमजद रजा और शहादत अली की नियुक्ति की। सभी दस्तावेज फर्जी लगाए गए। बैक डेट में नियुक्ति पत्र व अनुमोदन पत्र जारी किया गया। तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बलरामपुर बालेंदु द्विवेदी ने अपनी रिपोर्ट मदरसा शिक्षा परिषद को भेजी। तब परिषद के उप निदेशक प्रयागराज मंडल जगमोहन सिंह ने जांच की, जिसमें फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
एक मृत शिक्षक की जगह दो की तैनाती
मदरसा के शिक्षक अनीस अहमद की 20 अगस्त 2020 को मौत हो गई थी। इस पद पर दो व्यक्तियों शहादत अली व अमजद रजा को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। 6 मई 2022 को मदरसा परिषद से जाली अनुमोदन पत्र भी जारी करा लिया गया। मदरसा के प्रबंधक सुबराती, सहायक अध्यापक फैयाज अहमद मिस्बाही, प्रधानाचार्य व लिपिक अब्दुल कदीर की सांठगांठ से जाली दस्तावेज बनाकर शहादत अली की नियुक्ति पत्रावली व वेतन बिल तैयार किया गया।