लखनऊ। विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस अपराधियों व हिस्ट्रीशीटरों की कड़ी निगरानी कर रही है। पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के कुल 1794 हिस्ट्रीशीटरों की पुलिस ने गोपनीय जांच कराई है। इसके बाद चुनाव में गड़बड़ी न होने पाए, इसके मद्देनजर 1602 हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ न सिर्फ निरोधात्मक कार्रवाई की गई बल्कि पुलिस व खुफिया टीमें बाकायदा इनकी निगरानी कर रही हैं।
पुलिस कमिश्नरेट के सभी पांच जोन के थाने-कोतवाली में कुल 1794 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुली है। पूर्वी जोन में 224, पश्चिम में 492, मध्य में 395, उत्तरी में 349 व दक्षिणी जोन में 334 हिस्ट्रीशीटर हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया (कानून एवं व्यवस्था) ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर 1602 हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। ताकि ये चुनाव में कोई गड़बड़ी न कर सकें। सभी थाने में बीट के मुख्य आरक्षियों को हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एलआईयू भी अपने-अपने क्षेत्र के हर हिस्ट्रीशीटर की निगरानी के साथ ही नियमित रिपोर्ट भी दे रही हैं। पीयूष मोर्डिया ने बताया कि छानबीन में पाया गया कि 192 पुराने हिस्ट्रीशीटर ऐसे भी हैं, जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक हो गई है या फिर वे बरसों से अपराध से नाता तोड़ चुके हैं। ऐसे में इन्हें निरोधात्मक कार्रवाई से भी दूर रखा गया है।
163 हिस्ट्रीशीटर जेल में
लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के पांचों जोन के कुल 163 हिस्ट्रीशीटर मौजूदा समय में किसी ने किसी केस में जेल में बंद हैं। इनमें से कुछ सजा काट रहे हैं। जबकि 46 हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है।
ढूंढे नहीं मिल रहे 439 अपराधी
पुलिस कमिश्नरेट के पांचों जोन के 439 हिस्ट्रीशीटर ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इनमें पूर्वी जोन में 39, पश्चिम में 193, मध्य में 81, उत्तरी में 81 व दक्षिणी जोन में 45 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। पुलिस ने अपनी लिखापढ़ी में इन्हें लापता श्रेणी में रखा है। इसके पीछे ये भी मानना है कि जो हिस्ट्रीशीटर ढूंढे नहीं मिल रहे, उनमें से अधिकांश किसी न किसी मामले में दूसरे जिलों की जेलों में बंद हैं। चुनाव के मद्देनजर इनकी तलाश में पुलिस टीमें लगाईं गईं हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना है कि हर अपराधी पर पुलिस की नजर है। जो हिस्ट्रीशीटर नहीं मिल रहे, उन्हें भी ढूंढ निकाला जाएगा।