आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित कर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री व तस्करी के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। शराब की दुकानों की जांच कराई जा रही है।
आगरा में जहरीली शराब पीने से हुई 13 लोगों की मौत के मामले में शासन ने बृहस्पतिवार को एक आबकारी निरीक्षक व तीन बीट आरक्षियों को निलंबित कर दिया। साथ ही जिला आबकारी अधिकारी आगरा नीलेश पालिया और आबकारी निरीक्षक रजनीश पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। जिला आबकारी अधिकारी पर पर्यवेक्षणीय दायित्वों में शिथिलता के लिए कार्रवाई की गई है।
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अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि आगरा के फतेहाबाद, ताजगंज, समसाबाद में हुई मौतों के मामले में प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की। इसके बाद क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक संजय विद्यार्थी, तीन बीट आरक्षियों विशाल कुमार, राजेश कुमार शर्मा, अमित तेवतिया को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। यह सभी अवैध शराब के निर्माण व बिक्री के विरुद्ध अभिसूचना तंत्र विकसित न कर पाने व कार्रवाई न करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन सी ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित कर अवैध शराब के निर्माण, बिक्री व तस्करी के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की जा रही है। शराब की दुकानों की जांच कराई जा रही है। आबकारी विभाग 26 अगस्त से 6 सितंबर तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
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डीजीपी मुख्यालय ने आगरा जोन के एडीजी से संबंधित क्षेत्राधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक के बारे में रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर से कार्रवाई की जा सकती है। डीजीपी मुकुल गोयल ने बताया कि इस मामले में आगरा के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद शासन आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। इससे पहले जिन जिलों में भी अवैध शराब से मौतें हुई हैं, वहां के क्षेत्राधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। माना जा रहा है कि आगरा में भी पुलिस की लापरवाही से हुई मौत के मामले में क्षेत्राधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।