उत्तर प्रदेश में 50 हजार युवाओं को उद्योग लगाने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का लक्ष्य बढ़ाने का फैसला किया गया है। केंद्र सरकार से सैद्धांतिक सहमति मिलते ही उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वर्ष 2008 में शुरू किए गए पीएमजीईपी के तहत ग्रामीण क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। 18 वर्ष से ऊपर के युवा योजना के दायरे में आते हैं।
अभी तक प्रदेश में इस योजना के अन्तर्गत लक्ष्य इतना कम था कि बेरोजगार युवाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। 2016-17 में महज 2806 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया था। राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 50 हजार करने का फैसला किया है।
इस बाबत तैयार प्रस्ताव के अनुसार बड़े जिलों में 1-1 हजार यूनिट लगाई जाएंगी जबकि ललितपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे छोटे जिलों के लिए अपेक्षाकृत कुछ कम लक्ष्य दिया जाएगा। यहां बता दें कि इस योजना में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय कार्यदल के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाता है।
25-35 फीसदी तक मिलती है सब्सिडी
डेमो पिक
पीएमईजीपी में परियोजना लागत पर सामान्य पुरुष लाभार्थियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व सैनिक और दिव्यांगों को 35 प्रतिशत सब्सिडी देने का नियम है। सामान्य श्रेणी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के लाभार्थियों के लिए 5 प्रतिशत तक निजी अंशदान लगाना अनिवार्य है।
इन उद्यमों के लिए दी जाती है मदद
खनिज आधारित उद्योग, वन आधारित उद्योग, कृषि आधारित और खाद्य उद्योग, रसायन आधारित उद्योग, इंजीनियरिंग और गैर परंपरागत ऊर्जा, वस्त्रोद्योग (खादी को छोड़कर) और सेवा उद्योग।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 50 हजार युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।
-सत्यदेव पचौरी, खादी व ग्रामोद्योग मंत्री