शहर के मखदूमपुर दशहराबाग निवासी कुंवर दिव्यांश सिंह 30 जनवरी 2018 को अपनी पांच वर्षीय बहन समृद्धि समेत आठ अन्य स्कूली बच्चों के साथ लौट रहा था। तभी शहर के रोडवेज बस अड्डे के निकट एक सांड़ ने उसकी बहन पर हमला कर दिया। बहन की जान का खतरा देख दिव्यांश ने बहादुरी और अदम्य साहस दिखाते हुए अपने स्कूली बैग से ही हमलावर सांड़ से भिड़ गया और आखिर में सांड़ को भगाकर बहन की जान बचा ली।
इस दौरान उसके दाहिना हाथ में चार जगह फ्रैक्चर हो गया। कुंवर की इस बहादुरी की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी। तीन साल बाद उसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
दिव्यांश को इससे पहले भी 2018 में राष्ट्रीय बाल कल्याण परिषद द्वारा ‘रानी लक्ष्मीबाई वीरता’ पुरस्कार मुख्यमंत्री द्वारा दिया जा किया जा चुका है। वर्ष 2019 में जीवन रक्षा पदक से नवाजा जा चुका है।