‘अमर उजाला’से फोन पर हुई बातचीत में रजनीश ने बताया कि मन में पढ़ाई के समय से ही अपने गांव के विकास का सपना था। जिसे वह अब साकार करने में जुट गया हूं। बताया कि पिछले साल एक माह का अवकाश लेकर जुलाई 2017 में ‘स्मार्ट गांव एप’ बनाने का काम पूरा किया।
इस मोबाइल एप के जरिए गांव के प्रत्येक नागरिक को जोड़ा गया है। गांव के लोग कोई भी सुझाव शिकायत जैसे ही डालते हैं तुरंत वह प्रधान और गांव के सचिव के पास पहुंच जाता है, जिससे समस्या का तत्काल समाधान हो जाता है। सूचना भी एप के जरिये ग्रामीणों को दे दी जाती है।
यही नहीं इस एप के जरिए ऐसे प्रमुख व्यापारियों को भी जोड़ा गया है जो किसानों की उपज को उचित मूल्य पर खरीद लें। किसान अपनी उपलब्ध वस्तु का उल्लेख जैसे ही एप पर करेगा व्यापारी उसका दाम बताएगा और सौदा तय होते ही किसान का माल बिक जाएगा। इस एप को बनाने में मेरे मित्र योगेश साहू ने भी योगदान किया है। उन्होंने बताया कि योगेश मुंबई स्थित एम इंटेलेक्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हैं और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
रजनीश ने पूरे गांव में सीसीटीवी कैमरा अपने खर्च से लगा दिया है, जिससे गांव में चोरी आदि की घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने ग्रामीणों की सुविधा के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम (सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली) भी स्थापित की है, जिससे पूरे गांव में योजनाओं, टीकाकरण आदि कार्यक्रमों का एक ही स्थान से प्रसारण कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि एप को बनाने के पीछे मकसद था कि क्वालिटी ऑफ लाइफ को सुधारना। इस एप से गांव से जुड़ी चीजों की ट्रैकिंग भी आसान हो गई है। पारदर्शिता बढ़ गई है, जिसे अब लोग सराह रहे हैं। मोदी जी ने भी आज मन की बात में इसका जिक्र किया। ढेरों लोगों की बधाइयां आ रही हैं।
आगे की योजना
कार्तिकेय बताते हैं कि रजनीश ने गांव के बच्चों को नि:शुल्क कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए कंप्यूटर शिक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। यह जल्द शुरू हो जाएगा। कार्तिकेय ने बताया कि रजनीश चाहते हैं कि उनके इस एप के जरिये पूरे देश के गांवों को स्मार्ट बनाया जाए। मोहल्ले व गांव के लिए लोगों व युवाओं को कुछ करना चाहिए।