देशभर के पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व पुलिस संगठनों के प्रमुखों ने कट्टरता, आंतरिक सुरक्षा, साइबर क्राइम, नारकोटिक्स की चुनौतियों से निपटने पर लखनऊ में मंथन किया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र व राज्यों की एजेंसियों में बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
लखनऊ में 56वें पुलिस महानिदेशक, महानिरीक्षक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शाह ने शुक्रवार को तटीय सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद, नारकोटिक्स, साइबर क्राइम और सीमा प्रबंधन जैसे सुरक्षा संबंधित विषयों पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिस थानों और बीट स्तर के सुधारों पर जोर दिया। यह सम्मेलन तीन दिन रविवार तक चलेगा। पहले दिन आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें जेल सुधार कट्टरवाद से मिल रही चुनौतियों तथा पुलिस प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे।
महामारी के दौरान सुरक्षा बलों को सराहा
शाह ने कोविड महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके त्याग की सराहना की। उन्होंने कहा कि हाइब्रिड तरीके से डीजीपी सम्मेलन के आयोजन से निचले स्तर के अधिकारियों तक सूचनाओं का बेहतर प्रसार हो सकेगा। उन्होंने राज्यों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे सम्मेलन में दिए गए सुझावों पर समय बद्घ तरीके से अमल करें।
नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड का प्रजेंटेशन
इस मौके पर नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड की ओर से भी एक प्रस्तुतिकरण दिया। इस प्रस्तुतिकरण का मकसद आने वाले दिनों की चुनौतियों को उजागर करना और उनसे निपटने के लिए भावी दिशा निर्देश तय करना था।
आईबी के अफसरों को दिए मेडल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिन करीग तीन बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे। ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल प्रदान किए। इसके अलावा देश के 3 सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों को भी ट्रॉफी वितरित की। इसमें दिल्ली का सदर बाजार, ओडिशा का गंगापुर और हरियाणा के भटटू कलां को सम्मानित किया गया। इसके बाद अधिकारियों के साथ डीजीपी कार्यालय, 9वें तल पर हाईब्रिड मोड में सम्मेलन के अन्य कार्यक्रम शुरू हुए। इसके तहत सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों के प्रमुख लखनऊ पुलिस मुख्यालय से इस सम्मेलन में शामिल हुए। इसके अलावा लगभग 350 अन्य वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न राज्यों में स्थित आईबी कार्यालयों से वर्चुअल प्लेटफॉर्म के जरिए इस सम्मेलन में शामिल हुए।