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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का पीएम ने किया लोकार्पण : बोले, लखनऊ-दिल्ली की पिछली परिवारीवादी सरकारों ने जनता के सपनों को कुचला

Tue, 16 Nov 2021 09:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर

सार

पीएम ने कहा कि यूपी में जिस तरह की राजनीति हुई, लंबे समय तक जिस तरह की सरकारें चलीं, उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर ध्यान नहीं दिया। यूपी के इस क्षेत्र में माफियावाद रहा, जो यहां के लोगों को गरीबी के हवाले कर रहे थे। कर्मयोगी और ऊर्जावान सीएम योगी के नेतृत्व में यही क्षेत्र विकास का नया अध्याय लिख रहा है।
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रिमोट से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले यूपी में सड़कों पर राह नहीं मिलती थी, बल्कि राहजनी होती थी। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक की परिवारवादी सरकारों ने जनता के सपनों को कुचल डाला था। अब कनेक्टिविटी बढ़ने से प्रदेश में रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जहां मुख्यमंत्री योगी और उनकी सरकार के कामों की जमकर सराहना की, वहीं कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा की सरकारों ने यूपी और खासकर पूर्वांचल की विकास और रोजगार के लिहाज से उपेक्षा की।

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पीएम मोदी ने मंगलवार को सुल्तानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। उन्होंने हौसला अफजाई करते हुए कहा कि जिन्हें यूपी के लोगों की सामर्थ्य पर जरा भी संदेह है वे सुल्तानपुर में आकर यहां का काम देख लें। सोचा न था कि तीन साल पहले जिस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था, एक दिन उस पर खुद विमान से उतरूंगा।

मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को यूपी की प्रगति, नए प्रदेश के निर्माण और मजबूत होती अर्थव्यवस्था का प्रतीक बताया। दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्पों का जीता-जागता प्रमाण कहा। उन्होंने कहा कि यह यूपी की शान है। इसे यूपी के लोगों को समर्पित करते हुए खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं। मोदी ने कहा कि देश के संपूर्ण विकास के लिए संतुलित विकास आवश्यक है। लेकिन आजादी के बाद कुछ क्षेत्र विकास की दौड़ में आगे चले गए जबकि कुछ दशकों पीछे रह गए। पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों की यही स्थिति हुई। विकास की संभावनाओं के बावजूद उन्हें उतना लाभ नहीं मिला जितना मिलना चाहिए था।
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योगी की अगुवाई में विकास का नया अध्याय
पीएम ने कहा कि यूपी में जिस तरह की राजनीति हुई, लंबे समय तक जिस तरह की सरकारें चलीं, उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास पर ध्यान नहीं दिया। यूपी के इस क्षेत्र में माफियावाद रहा, जो यहां के लोगों को गरीबी के हवाले कर रहे थे। कर्मयोगी और ऊर्जावान सीएम योगी के नेतृत्व में यही क्षेत्र विकास का नया अध्याय लिख रहा है।

नजरअंदाज करने वालों के लिए यह गर्जना
मोदी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उतरते विमानों की गर्जना उन लोगों के लिए जिन्होंने दशकों तक इस क्षेत्र को नजरंदाज किया। अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि सात-आठ साल पहले यहां की स्थिति देखकर हैरानी होती थी कि आखिर कुछ लोग प्रदेशवासियों को किस बात की सजा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने यूपी के विकास की रूपरेखा तैयार की। जरूरतमंदों के लिए पक्के घर, शौचालय, बिजली, गैस कनेक्शन आदि की व्यवस्था की। लेकिन तब यूपी में जो सरकार थी उसने मेरा साथ नहीं दिया। तुष्टीकरण की नीति के कारण उन्हें मेरे साथ खड़े होने में भी डर लगता था। जब मैं यहां आता था तब वह हवाई अड्डे पर स्वागत करके गायब हो जाते थे। क्योंकि वे यहां कराए गए कामों का हिसाब नहीं दे सकते थे।

पीएम ने भोजपुरी में किया नमन
लोकार्पण के बाद कार्यक्त्रस्म में मौजूद जन समूह को आश्चर्यचकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना संबोधन भोजपुरी भाषा के सुल्तानपुर वर्जन से शुरू किया। पीएम ने कहा जउने धरती पर हनुमान जी कालनेमि का वध कोई रहे ऊ धरती के लोगन के हम पाऊं लागित है, 1857 महियां इहाँ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अंग्रेजन कहिंया धूल चटाई दिहे रहे।

यूपी की प्रतिभाओं का कोई सानी नहीं
पीएम ने कहा उत्तर प्रदेश अद्भुत और अलौकिक है। यहां की प्रतिभाओं का कोई सानी नहीं है। उन्होंने कहा यह सब मैं किताब में पढ़कर नहीं उत्तर प्रदेश का सांसद होने के अनुभव से बोल रहा हूं।

योगी की प्रशंसा की
प्रधानमंत्री ने  मुख्यमंत्री योगी को ओजस्वी, तेजस्वी और कर्मयोगी बताते हुए भाषण की शुरुआत की। वहीं भाषण का अंत योगी को उर्जावान और कर्मयोगी बताते हुए एक्सप्रेस-वे के साथ यूपी में हुए विकास के लिए मुख्यमंत्री और उनकी टीम को बधाई दी।

परिवार का हित साधने वालों को दिखाएंगे बाहर का रास्ता

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में पीएम और सीएम - फोटो : अमर उजाला
पीएम ने कहा कि योगी के पहले वाली सरकार ने यहां के लोगों के साथ काफी नाइंसाफी की।  विकास कराने में भेदभाव किया। परिवार का हित साधा। मुझे पूरी उम्मीद है कि यहां के लोग ऐसा करने वालों के लिए यूपी के विकास के रास्ते से हटा देंगे। वर्ष 2017 में प्रचंड बहुमत देकर योगी और मोदी को एक साथ सेवा करने का मौका दिया। आज यूपी का भाग्य बदलना शुरू हो गया है।

बिना कनेक्टिवटी दिखाया औद्योगीकरण का सपना
मोदी ने कहा कि पहले  की सरकारों ने कनेक्टिवटी के बिना औद्योगीकरण के सपने दिखाए। नतीजतन जरूरी सुविधाओं के अभाव में कारखानों में ताले लग गए। सालों साल तक लखनऊ से दिल्ली तक परिवारवादियों की पार्टनरशिप ने यहां के लोगों की आकांक्षाओं को कुचला।

कौन भूल सकता है पिछला हाल
नरेंद्र मोदी ने कहा कि कौन भूल सकता है कि पहले यूपी में कितनी बिजली कटौती होती थी? कानून-व्यवस्था की क्या हालत थी? मेडिकल सुविधा कैसी थी? सड़कों पर राह नहीं होती थी, राहजनी होती थी। राहजनी करने वाले अब जेल में हैं। गांव-गांव नई सड़कें बन रही हैं। साढ़े चार वर्षों में हजारों किमी नई सड़कें बनी हैं। यूपी के विकास का सपना साकार हो रहा है। मेडिकल कॉलेज, एम्स व नए शिक्षण संस्थान बन रहे हैं।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लाभ सभी को
मोदी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लाभ समाज के हर तबके और वर्ग को मिलेगा। इससे लाखों नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। पहले कनेक्टिवटी इतनी खराब थी कि पूर्वांचल के लोगों को लखनऊ पहुंचने तक में परेशानी होती थी। पिछले सीएम का विकास वहीं तक सीमित था, जहां उनका घर-परिवार था। भाजपा सरकार ने पश्चिम के विकास का पूरा सम्मान करते हुए पूर्व के विकास को भी प्राथमिकता दी। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के माध्यम से अब दिल्ली से बिहार तक आना-जाना आसान हो जाएगा। 22 हजार करोड़ रुपये का यह खर्च लाखों करोड़ के उद्योग लाने का माध्यम बनेगा। बुंदेलखंड व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे यूपी के छोटे शहरों को बड़े शहरों से ही नहीं दूसरे राज्यों के शहरों से भी जोड़ेगा।

बिना भेदभाव के विकास
पीएम ने कहा कि योगी सरकार बिना किसी भेदभाव के परिवारवाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर सबका साथ-सबका विकास मंत्र को लेकर काम में जुटी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 21 जगहों को चिह्नित किया गया है जहां उद्योग लगाए जाएंगे। खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज क्षमता तेजी से बढ़ेगी। अन्य एक्सप्रेस-वे किनारे भी इंडस्ट्रियल कॉरीडोर बनाने की योजना पर काम हो रहा है। इससे कृषि, फार्मा, इलेक्ट्रिकल, हैंडलूम समेत तमाम क्षेत्रों में विकास होगा। इसके लिए जरूरी प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए भी बड़े पैमाने पर काम शुरू हो गया है।

देश-दुनिया में पहुंचेंगे यूपी के उत्पाद
मोदी ने कहा कि यूपी के डिफेंस कॉरीडोर भी नए रोजगार देगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे। डबल इंजन की सरकार सामान्य जन को परिवार मानकर काम कर रही है। नए निवेश के लिए माहौल बना रही है। सिर्फ  पांच साल नहीं दशक को ध्यान में ऱखकर योजना तैयार की जा रही है। फ्रेट कॉरीडोर देश-दुनिया में यूपी के उत्पादों को पहुंचाएगा।

अखिलेश पर निशाना
पीएम ने कहा कि यूपी ने 14 करोड़ कोरोना वैक्सीन लगाकर देश-दुनिया में अग्रणी स्थान पा लिया है। बिना अखिलेश यादव का नाम लिए कहा कि कुछ राजनीतिक लोगों के भारत में बने वैक्सीन के खिलाफ  कुप्रचार को टिकने नहीं दिया। उनके षड्यंत्र को परास्त किया। यकीन है कि यूपी जनता आगे भी उन्हें इसी तरह परास्त करती रहेगी। हमारी सरकार उनके लिए बुनियादी सुविधाओं पर पूरा ध्यान देगी। घर और इज्जतघर का निर्माण जारी रखेगी। हर घर में पाइप्ड नल से शुद्ध जल पहुंचाने का काम करेगी। योगी सरकार ने तीस लाख ग्रामीणों को नल से जल पहुंचा दिया है। इस साल भी लाखों घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रतिबद्ध है। आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। पीएम ने कहा कि जो लोग अपने समय में असफल रहे हैं वे योगी की सफलता नहीं देख पा रहे हैं। पचा भी नहीं पा रहे हैं।

‘आपन माटी सूंघ लेहे बा, अब बहुत कला देखाए’

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में एयर शो - फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर के लोगों के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की एयर स्ट्रिप पर हुआ एयर शो रोमांचक और आश्चर्यजनक रहा। जो लोग भी इस नजारे के गवाह बने उनके जीवन का यह अविस्मरणीय शो बन गया। सेना के विमानों की गर्जना के बीच भीड़ से उठ रहे भारत माता की जय के उद्घोष लोगों के दिल-ओ-दिमाग की हालत बयां कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की एयर स्ट्रिप पर हुआ एयर शो जिले के लोगों के स्मृतियों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। ऐसा एयर शो एयरफोर्स के स्थापना दिवस जैसे आयोजनों में या फिर युद्ध आधारित फिल्मों में ही देखने को मिलता है। हिंदुस्तान की कसम, आक्रमण, ललकार और बॉर्डर जैसी फिल्मों के दृश्य मंगलवार को साक्षात लोगों के सामने थे। सुखोई, मिराज, जगुआर और एएन-32 जैसे युद्धक विमान एयर स्ट्रिप पर टेक ऑफ करते रहे। विमानों ने आसमान में कलाबाजी भी की। जनसभा स्थल पर जमा भीड़ उत्साह भरे शोर के बीच तालियों से उनका स्वागत करती रही। हजारों लोग इस पल को अपने मोबाइल फोन में कैद करते रहे। कोई मोबाइल से फोटो खींच रहा था तो कोई वीडियो बना रहा था। विमानों के करतब दिखाने के बीच भीड़ की जिज्ञासा समझने लायक थी।

एयर फोर्स की महिला उद्घोषक विमानों के नाम व उनकी खूबियां बताती रहीं। इसके बावजूद लोग यह समझने में दिमाग खपाते रहे कि कि सामने से गुजरने वाला कौन सा युद्धक विमान है। इसी बीच सुपर 30 विमान की घोषणा हुई। बताया गया कि इसे उड़ाने वाले जिले के निवासी फ्लाइट लेफ्टीनेंट सूर्य प्रताप सिंह हैं। यह सुनकर लोगों का जोश और रोमांच दोगुना हो गया। विमान को देखते ही भीड़ से आवाज आई कि ‘आपन माटी सूंघि लेहे बा, अब बहुत कला देखाए’ सुनकर हंसी के फव्वारे भी फूट पड़े। एयर शो से पहले प्रधानमंत्री हरक्युलिस विमान से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। 38 मिनट तक चले एयर शो में भीड़ टस से मस नहीं हुई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद मेनका गांधी, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री धर्मवीर प्रजापति, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह लगातार एयर स्ट्रिप के किनारे बैठकर एयर शो का आनंद उठाते रहे।

एक नजर में एयर स्ट्रिप पर उतरे विमान

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में एयर शो - फोटो : अमर उजाला
सुखोई-30
सुखोई-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना का अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान है। रूस में निर्मित इस विमान को वर्ष 2002 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। 2004 से इसका निर्माण भारत में ही हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड की ओर से किया जा रहा है। यह विमान लगभग तीन हजार किलोमीटर की दूरी तक जाकर दुश्मन पर हमला कर सकता है। सुखोई-30 में ब्रह्मोस मिसाइल (हवा से सतह पर मार करने वाली) ले जाने की क्षमता है।

जगुआर
जगुआर एक सुपरसोनिक कम ऊंचाई पर उडऩे वाला लड़ाकू विमान है। सीमित पहुंच के बावजूद जगुआर का इस्तेमाल 1990 के दशक के दौरान कई युद्धों में किया गया था। इस विमान के हाई विंग लोडिंग डिजाइन की वजह से कम ऊंचाई पर एक स्थित उड़ान और जंगी हथियारों को ले जाने में सहूलियत होती है। 1700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उडऩे वाली इस विमान में साढ़े चार हजार किलोग्राम तक हवा से हवा में और हवा से जमीन में हमला करने वाले रॉकेट ले जाने की क्षमता है।

मिराज-2000
फ्रांसीसी तकनीक से निर्मित मिराज-2000 भारतीय सेना का अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है। शुरुआती दौर में फ्रांस में इसका निर्माण हुआ था। बाद में भारत स्वयं इसका निर्माण करने लगा। 2019 में भारतीय वायुसेना की ओर से बालाकोट में किए गए एयर स्ट्राइक में इस विमान का प्रयोग हुआ था। मिराज के हमले में बालाकोट में चल रहे आतंकी ट्रेनिंग सेंटर पूरी तरह से तबाह हो गए थे। 2336 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले इस विमान का वजन लगभग 7500 किलोग्राम है।

एएन-32
एएन-32 भारतीय वायुसेना का यह एक दो इंजन वाला मालवाहक विमान है। 540 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले इस विमान में 42 पैराशूटर ले जाने की क्षमता है। आपात स्थिति में इसमें स्ट्रेचर और मेडिकल टीम के साथ 50 पैसेंजर जा सकते हैं। यूक्रेन में निर्मित इस विमान ने नौ जुलाई 1976 को पहली बार उड़ान भरी थी। भारत के साथ ही बांग्लादेश और यूक्रेन की वायुसेना के बेड़े में यह विमान शामिल है।

हरक्युलिस से उतरने वाले पहले प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर नया प्रयोग किया। वे सेना के हरक्युलिस विमान से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की एयर स्ट्रिप पर उतरे तो नया इतिहास बन गया। हरक्युलिस से यात्रा करने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बन गये। साथ ही आजादी के बाद सुल्तानपुर की धरती पर पहुंचने वाले तीसरे प्रधानमंत्री में शुमार हो गये।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी जिले में आ चुकी हैं। उन्होंने 21 फरवरी 1984 को जिले की किसान सहकारी चीनी मिल का उद्घाटन किया था। इंदिरा गांधी के बाद उनके पुत्र राजीव गांधी बतौर प्रधानमंत्री खुर्शीद क्लब के मैदान में हुई जिला विकास गोष्ठी में शामिल हुए थे। तब से कोई प्रधानमंत्री जिले में नहीं आया। मंगलवार को नरेंद्र मोदी जिले में पहुंचने वाले तीसरे प्रधानमंत्री में शुमार हो गए। साथ ही वे जिले के जयसिंहपुर क्षेत्र में पहुंचने वाले पहले प्रधानमंत्री भी बन गये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कुछ न कुछ नया प्रयोग करने के लिए भी चर्चा में रहते हैं। मंगलवार को उन्होंने नया प्रयोग किया। वे हरक्युलिस (माल वाहक युद्धक विमान) से उतरने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए।
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मोदी ने श्रीपति मिश्र के बहाने साधे कई निशाने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान कई निशाने साधे। उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और एक तरह से आज की नौजवान पीढ़ी के लिए चौंकाने वाला नाम श्रीपति मिश्र के जिक्र करके सबको चौका दिया। इसमें खास बात यह है कि श्रीपति मिश्र सुल्तानपुर के रहने वाले थे और न्यायाधीश की नौकरी से त्यागपत्र देकर राजनीतिक क्षेत्र में आए थे।

श्रीपति मिश्र पहले ग्राम प्रधान बने और फिर कई बार विधायक व सांसद। चौधरी चरण सिंह की सरकार सहित कई सरकारों में वह महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। वह विधानसभा के उपाध्यक्ष और अध्यक्ष भी रहे। प्रदेश में 19 जुलाई 1982 से 2 अगस्त 1984  तक मुख्यमंत्री रहे मिश्र अपने समय के बड़े ब्राह्मण चेहरा माने जाते थे। उनका नाम प्रदेश के ब्राह्मण परिवारों के बुजुर्गों के बीच अब भी काफी सम्मान से लिया जाता है।

ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व पर श्रीपति मिश्र के साथ किए गए अपमानजनक व्यवहार का जिक्र करके जहां भाजपा से ब्राह्मणों की नाराजगी की चर्चाओं के मद्देनजर उन्हें साधने व ऐसी बातों पर विराम लगाने की कोशिश की है, वहीं भाजपा को ब्राह्मणों के मान-सम्मान की चिंता का संदेश भी दिया है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि प्रदेश में ब्राह्मणों की आबादी अच्छी संख्या में है। इसी के साथ मिश्र कांग्रेसी होते हुए भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे के लिए भी काफी अनुकूल बैठते हैं।

मिश्र ने कराया था अयोध्या में विकास कार्य
राजनीतिक व आर्थिक मामलों के विश्लेषक प्रो. अंबिका प्रसाद तिवारी बताते हैं कि मिश्र ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में अयोध्या के विकास के मद्देनजर राम पैड़ी के निर्माण व घाटों के पुनर्निर्माण जैसे तमाम काम कराए थे। यही नहीं उन्होंने शाहबानों मामले पर अपनी ही पार्टी के नेता तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की नीति का विरोध किया था। इसी के चलते उन्हें कांग्रेस से निष्कासित भी होना पड़ा था। जाहिर है कि मोदी ने मिश्र के सहारे ब्राह्मण समीकरण साधते हुए ब्राह्मण कार्ड और हिंदुत्व के सरोकारों पर कांग्रेस को घेरने का संकेत ही नहीं दिया है बल्कि कांग्रेस में मौजूद ब्राह्मण नेताओं को भाजपा में आने का सांकेतिक आमंत्रण भी दिया है।
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