अभी नहीं निकल पाई हैं हार्दिक के शरीर से सुइयां
- फोटो : amar ujala
पिन ब्वॉय हार्दिक के शरीर के अंदर की सुइयां अभी भी नहीं निकल पायी हैं। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी में जांच के बाद उसे फिर से दो महीने बाद बुलाया गया है।
चिकित्सकों का मानना है कि हार्दिक के शरीर के कई हिस्सों में घुसी सुइयों से जान का खतरा नहीं है। बच्चे की स्थिति से परेशान परिवारीजन अब मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगाएंगे।
नन्हे हार्दिक के सिर में पांच, फेफड़े में तीन और पेट में 17 सुइयां हैं। केजीएमयू में सीटी स्कैन, एक्स-रे से इसकी जानकारी मिली थी। सिर्फ मूत्राशय की तीन सुइयों को ही निकाला जा सका है। इसके बाद बीते छह माह से शरीर में 25 सुइयों को नहीं निकाला जा सका है।
चार माह का था तब हुई उसके शरीर से सुइयां निकलने की शुरूआत
हार्दिक का एक्स-रे
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बुधवार को भी हार्दिक को केजीएमयू विभाग में जांच के लिए बुलाया गया था। इसके बाद उसे दो महीने बाद फिर से लाने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि रायबरेली निवासी शिवेंद्र श्रीवास्तव का 12 माह का बेटा हार्दिक चिकित्सकों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। जब वह चार माह का था तो उसके शरीर से सुइयों के निकलने की शुरुआत हुई थी।
कई जगह चक्कर मारने के बाद केजीएमयू पहुंचे हार्दिक के पेट के निचले हिस्से ‘पेल्विस’ से 22 जून 2015 को तीन सुइयां निकाली गई थीं।
इन्हें पेशाब के रास्ते पेरीनियल यूरेथ्रोटोमी सर्जरी विधि से निकाला गया था। इसके बाद उसे 8 जुलाई 2015 को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब भी शरीर में 25 से अधिक सुइयां है फिर वह पूरी तरह स्वस्थ है।
क्या है पूरा मामला, यहां देखें
21 फरवरी 2016 को एक साल के हो चुके हार्दिक के शरीर में सुइयां होने का पता मई माह में चला था। मां सत्याक्षी को पेट में एक निडिल (सुई) की नोंक दिखायी दी। उस समय हार्दिक ढाई माह का था तब मालिश करते समय सत्याक्षी के हाथ में कुछ चुभा था। उसने देखा तो पेट से एक सुई बाहर निकली हुई थी। लेकिन उसके न तो खून निकल रहा था और न ही कोई दर्द हो रहा था।
इसके बाद सत्याक्षी ने सुई को पकड़कर खींच लिया और पूरे शरीर की जांच की। इस दौरान उसकी जांघ में भी एक सुई होने का पता चला। इसके बाद शिवेंद्र और सत्याक्षी बच्चे को लेकर रायबरेली जिला अस्पताल पहुंचे। वहां एक्स-रे कराया गया तो पेट में 24 छोटी-छोटी सुइयां मिलीं।
इसके बाद चिकित्सकों ने उसे केजीएमयू ले जाने की सलाह दी। केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के हेड प्रो.एसएन कुरील की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने उसकी तीन सुइयां निकाल दी हैं।