फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News : फार्मा और चिकित्सा इंडस्ट्री पकड़ेगी रफ्तार, स्टांप शुल्क में 100 फीसदी तक छूट, शासनादेश जारी

Thu, 14 Sep 2023 10:41 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं चिकित्सा उपकरण उद्योग नीति 2023 के अधीन नई फार्मा व चिकित्सा इकाई लगाने पर स्टांप ड्यूटी में छूट का फैसला किया है। इसके तहत भूखंड खरीदने व पट्टे पर देने पर 50 से 100 फीसदी तक स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश सरकार ने फार्मा इंडस्ट्री को रफ्तार देने के लिए बड़ी राहत दी है। उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं चिकित्सा उपकरण उद्योग नीति 2023 के अधीन नई फार्मा व चिकित्सा इकाई लगाने पर स्टांप ड्यूटी में छूट का फैसला किया है। इसके तहत भूखंड खरीदने व पट्टे पर देने पर 50 से 100 फीसदी तक स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में गुरुवार को प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने शासनादेश जारी कर दिया।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल एवं चिकित्सा उपकरण उद्योग नीति 2023 के अंतर्गत नई फार्मा व चिकित्सा उपकरण पार्क की स्थापना के लिए डेवलपर द्वारा जमीन की खरीद पर स्टांप ड्यूटी में 100 फीसदी छूट दी जाएगी। फार्मा व चिकित्सा उपकरण पार्क में व्यक्तिगत खरीदारों द्वारा भूखंड की प्रथम खरीद पर स्टांप में 50 फीसदी छूट मिलेगी। राज्यभर में सभी नई इकाइयों को इस नीति के अंतर्गत इकाइयां स्थापित करने के लिए जमीन की खरीद और भवन को पट्टे पर लेने के लिए स्टांप शुल्क में 100 फीसदी छूट का प्रावधान किया गया है।

वर्तमान में चल रही इकाइयों द्वारा नए पूंजी निवेश के जरिए अपने कारोबार को कम से कम 25 फीसदी विस्तार देने पर 100 फीसदी स्टांप शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए डीएम या उपायुक्त उद्योग लिखकर देंगे कि इंडस्ट्री की स्थापना नई नीति के तहत की जा रही है। गवाह के रूप में उनके हस्ताक्षर भी होंगे। रजिस्ट्री में छूट के लिए उद्यमी को स्टांप शुल्क में मिलने वाली छूट के बराबर बैंक गारंटी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के सामने पेश करना होगा। बैंक गारंटी की अवधि कम से कम पांच वर्ष होगी। किसी भी अन्य योजना के तहत स्टांप शुल्क में लाभ ले चुकी इकाइयों को इसका फायदा नहीं मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें