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बाघ के मुंह में बछडे़ को तड़पता देख छूटे पसीने

Mon, 24 Nov 2014 03:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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खुली आंखों से पहली बार बाघ देखने की दहशत पिपरी गांव स्थित पेट्रोल पंप के गार्ड जमुना मिस्त्री और उनके साथी राजाराम की आंखों में साफ नजर आ रही है।
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उन्होंने पहली बार टार्च की रोशनी में बाघ को शिकार खाते देखा है। वह कुछ समझ पाते इससे पहले बाघ अपने शिकार को जबड़ों में दबाए आंखों से ओझल हो गया।

बाघ इतना शातिर है कि कन्हवापुर में वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ, वन विभाग टीम ने उसके चारे के लिए जो पड़वा बांधा है उसकी ओर उसने देखा तक नहीं। इधर वह धीरे-धीरे आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।

अब ग्रामीण अपने घरों में भी खुद को असुरक्षित मान रहे हैं। वह एक के बाद एक जानवर को शिकार बना रहा है वहीं दूसरी ओर उसे पकड़ने के लिए आई टीम पंजों के सिवाय कुछ हासिल नहीं कर सकी है।
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पिछले चार दिनों से पहाड़पुर के जंगलों में घूम रहे बाघ ने शनिवार देर रात पिपरी गांव में पेट्रोल पंप के सामने एक बछड़े को मार डाला।
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टॉर्च मारा तो थम गई सांसे

पिपरी गांव स्थित पेट्रोल पंप के गार्ड जमुना मिस्त्री ने बताया कि रात करीब बारह बजे तेज कुत्तों के भौंकने की आवाजें आ रही थी।

कुछ देर तो नजरअंदाज करता रहा, लेकिन जब आवाज बंद नही हुई तो बाहर निकल कर देखा तो एक बछड़ा दुकान के पास फड़फड़ा रहा था। टार्च मारा तो बाघ खून से लथपथ बछड़े को जबड़े में फंसाकर खींचता हुआ खेतों की ओर भाग गया।

उनके साथी राजाराम का कहना है कि रात में विशालकाय बाघ को देखकर पैर कांपने लगे। आवाज आने पर उठ कर बाहर तो गए लेकिन उसे देखकर एक भी कदम आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई।

इधर गांव की सड़क पर बाघ के बछड़े के शिकार करने की खबर जैसे ही फैली क्षेत्रवासी और दहशत में आ गए। उठते बैठते लोग एक ही बात कर रहे हैं कि अभी तक तो सिर्फ जानवरों पर ही आक्रमण हुआ है अगर कहीं एक भी इंसान का खून उसके दांतों पर लग गया तो ग्रामीणों का क्या हश्र होगा?
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