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UP: 20 दिन में बन जाएगा 2017 का सियासी प्लान!

Mon, 24 Nov 2014 02:23 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
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भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में भले ही प्रदेश की 80 में से सहयोगी दल अपना दल के साथ 73 सीटें जीतने में कामयाब रही है। लेकिन भगवा टोली के रणनीतिकार जमीनी मजबूती को लेकर बहुत निश्चिंत नहीं हो पा रहे हैं।
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उन्हें लगता है कि मोदी के प्रभाव अथवा जनता में जगी उनसे उम्मीदों से इतनी बड़ी जीत मिल गई है पर 2017 में इस करिश्मे को दोहराने के लिए जन समर्थन को स्थायी ताकत में बदलना होगा।

इसके लिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के साथ ही संपर्क व संवाद का दूसरा तंत्र भी तैयार करना पड़ेगा। इसीलिए पार्टी अब प्रवासी कार्यकर्ताओं के सहारे संगठन को और मजबूत बनाने का फैसला किया है। इन कार्यकर्ताओं की अगले सप्ताह पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर बैठक बुलाई गई है।
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कार्ययोजना के अनुसार, जिलास्तरीय प्रवासी कार्यकर्ताओं को ब्लॉकों और गांवों तक ऐसे कार्यकर्ता निकालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो सदस्यता अभियान पर ध्यान दे सकें। साथ ही संगठन को सभी वर्गों व सभी क्षेत्रों तक पहुंचा सकें। प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में जिलों में जिन लोगों को तैनात किया गया है, उनमें पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल हैं।

इन लोगों को माह में कम से कम 20 दिन तय जिले में व्यतीत करना है। प्रवास के दौरान वहां पुराने लोगों से लगातार संपर्क व संवाद करना और उनकी मदद से नए लोगों पार्टी से जोड़ने का काम सौंपा गया है।

इस तरह दी गई जिम्मेदारी

जिला स्तरीय प्रवासी कार्यकर्ताओं को मंडल (ब्लॉक व शहरी क्षेत्रों में 10 से 12 वार्डों को मिलाकर बनी इकाई) तक ऐसे प्रवासी कार्यकर्ताओं का नेटवर्क बनाना है जो माह में कम से कम 20 दिन संगठन को देकर सौंपे गए क्षेत्र में संगठनात्मक तंत्र और उसकी शक्ति को मजबूत कर सकें।

मंडल स्तर के प्रवासी कार्यकर्ताओं को अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले गांवों में से प्रत्येक से कम से कम एक-एक ऐसे कार्यकर्ता को निकालना होगा। जो दिए गए गांवों में जाकर पार्टी का सदस्यता अभियान चलाकर लोगों को जोड़ेगा।

साथ ही चुनाव तक इसी कार्यकर्ता के सहारे संबंधित गांव तक संगठनात्मक सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा। यही कार्यकर्ता गांव में पार्टी से जुड़ने वाले लोगों व पार्टी नेतृत्व के बीच कड़ी का काम करेगा।
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एक दशक पहले हो चुका है ऐसा प्रयोग

एक दिसंबर को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर बुलाई गई बैठक में आने वाले जिला स्तरीय प्रवासी कार्यकर्ताओं से अपने जिले से ऐसे लोगों की सूची लाने को कहा गया है जो बतौर प्रवासी कार्यकर्ता काम कर सकें।

पार्टी ने संगठन के लिहाज से प्रदेश में 90 जिला/ महानगर इकाइयां गठित कर रखी हैं। इन सभी के लिए प्रवासी कार्यकर्ता तय किए जा चुके हैं।

प्रवासी कार्यकर्ताओं के सहारे संगठनात्मक तंत्र के विस्तार व मजबूती की रणनीति भगवा टोली के लिए नया प्रयोग नहीं है। एक दशक पहले भी भाजपा यह प्रयोग कर चुकी है। पर, बाद में यह परंपरा समाप्त हो गई थी।
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