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‘बिके हुए चंद मौलवी तलाक करा तोड़ रहे परिवार’

Wed, 17 Sep 2014 11:52 PM IST
सैफ हैदर नकवी/अमर उजाला, लखनऊ
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ऑल इंडिया महिला मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर का कहना है कि कुछ बिके हुए मौलवी गैर शरई तलाक कराकर परिवारों को तोड़ रहे हैं। लिहाजा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को इसको रोकने के लिए आगे आना चाहिए।
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उन्होंने कई मामलों का हवाला देते हुए कहा कि इन सबमें धर्मगुरुओं ने गलत तरीके से तलाक कराया जिसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। तलाक की कई पीड़िताओं के साथ बुधवार को खबरनवीसों से रू-ब-रू शाइस्ता अंबर ने कहा कि समाज में तलाक के लगातार मामले बढ़ रहे हैं तो उसके लिए सीधे तौर पर बिके हुए चंद मौलवी जिम्मेदार हैं।

ये लोग गैर शरई तलाक कराकर परिवार तोड़ रहे हैं। गुस्से में तलाक दे कर धर्मगुरुओं से प्रमाणपत्र हासिल किया जा रहा है। इससे महिलाओं की जिंदगी बर्बाद हो रही है। शाइस्ता का कहना है कि मुजफ्फरनगर में इमराना को भी गैर शरई तलाक दिया गया।
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इसका नतीजा इमराना को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को चाहिए कि वह ऐसे मामलों को रोकने के लिए मौलवी व काजी को कुरान की रोशनी में तलाक कराने की हिदायत दे।
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न वक्‍त दे रहे न हो रही काउंसलिंग

शाइस्ता अंबर का कहना है कि कुरान की रोशनी में शरई तौर पर तलाक देने के लिए कम से कम तीन महीने का वक्त दिया जाता है। इसके बाद दोनों पक्षों की काउंसलिंग की व्यवस्था है।

बात नहीं बनने पर तलाक की नौबत आती है। लेकिन मौलवी इसका पालन नहीं कर रहे।

राबे हसनी नदवी आएं आगे
शाइस्ता ने कहा कि देश की मुसलमानों की सबसे बड़ी संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड है। इसके अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी व उनके सदस्यों से महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील है कि वे मौलवी व काजियों को कुरान की रोशनी में तलाक के मामले निपटाने की गुजारिश करें, क्योंकि तलाक पर रोक लगाना धर्मगुरुओं की जिम्मेदारी है।

हैरान कर देने वाले तलाक के मामले

शाइस्ता ने इन मामलों पर उठाए सवाल
केस 1: बिना जानकारी हो गया तलाक
दो बच्चों की मां सबिहा के पास पंद्रह साल पहले एक तलाकनामा पहुंचा तब उनको पता चला कि शौहर ने उन्हें तलाक दे दिया है। दारुलकजा के किसी मौलवी ने यह तलाकनामा जारी किया था। तब से वह लखनऊ दारुलकजा के चक्कर काट रही हैं।

केस-2: अमेरिका से फोन पर दे दिया तलाक
अकबरीगेट निवासी सूफिया खान के अमेरिका में रहने वाले शौहर ने फोन पर ही तलाक दे दिया। इसके बाद लखनऊ के एक काजी की मुहर लगवा कर तलाकनामा भिजवा दिया। अब उसे ससुराल से निकाला जा रहा है।
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बेटियों के जन्म के कारण दे दिया तलाक

हरदोई की गजाला मलिक की तीन बेटी हुई तो शौहर ने उसे घर से निकाल दिया। जब मामला पुलिस के पास गया तो पुलिस व धर्मगुरु से मिल कर शौहर ने तलाक दे दिया।

बेटियों को लेकर अब वे इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। इसी तरह मोहनलालगंज की आसिमा को भी बेटी होने पर तलाक दे दिया गया।

केस-4: शराबी शौहर ने मारपीट घर से निकाला
अशर्फाबाद की सुमैया को भी पता ही नहीं चला कि शराबी शौहर से उसका तलाक कब हो गया। नदवा स्थित दारुलकजा के एक मौलवी से तलाकनामा पर मुहर लगवाकर शौहर ने उसे घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। पिछले दो साल से वह बच्चों को लेकर न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।
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