स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एंबुलेंस को देर तक रोकने की शिकायतें मिल रही हैं। मरीजों को फोन करके एंबुलेंस भेजने के बारे में जानकारी देते वक्त यह भी कहा जा रहा है कि तैयार रहें। एंबुलेंस ज्यादा देर नहीं रुकेगी। ऐसे में जब तक मरीज और तीमारदार सजगता नहीं दिखाएगा तब तक समस्या बनी रहेगी। पॉजिटिव मरीज को छोड़ा नहीं जा सकता है। एक से दो मरीज में तीन घंटे का समय बढ़ गया तो चौथे मरीज का समय प्रभावित होगा।
ऐसे बिगड़ता है शेड्यूल
अफसरों का कहना है कि एक मरीज को शिफ्ट करने में दो घंटे का अतिरिक्त समय लगा तो दूसरे का शेड्यूल बिगड़ जाता है। दूसरे ने भी दो घंटे अतिरिक्त लगाए तो तीन से चार मरीज ही एक दिन में शिफ्ट हो पाते हैं। यही स्थिति अन्य एंबुलेंस के साथ भी होती है। इस स्थिति में ढाई से तीन सौ मरीजों को शिफ्ट करने के लिए बना टाइम टेबल ध्वस्त हो जाता है। एंबुलेंस चालक व उनके साथ मौजूद अन्य कर्मचारी इस बारे में लगातार शिकायत भी कर रहे हैं।