शिक्षक केजीएमयू आने के लिए आकर्षित हों इसके लिए उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अलावा छात्र व शिक्षकों का विदेशी चिकित्सा संस्थानों से शैक्षणिक आदान-प्रदान हो रहा है। इसे और बढ़ाया जाएगा। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसे कार्य होता है, इसकी जानकारी मिल सके।
इसके अलावा एमबीबीएस व पीजी छात्रों को शोध केलिए प्रेरित किया जाएगा। जिससे शिक्षण और शोध दोनों की क्षेत्रों में वो परांगत हो सके। उनके रिसर्च अच्छे मेडिकल जरनल में छप सकें इसके भी प्रयास होंगे। छात्रों के सुविधा युक्त छात्रावास, ई-लाइब्रेरी की सुविधा को और उच्चीकृत किया जाएगा। मॉलिक्युलर और जेनेटिक रिसर्च को बढ़ावा देकर टारगेट थेरेपी की तकनीक को विकसित किया जाएगा। जिससे मरीजों का जीन लेवल पर इलाज मिल सके।