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रखते हैं वीआईपी नंबर की चाहत तो जरूर पढ़ लें ये खबर, हो सकती है आपके काम की

Thu, 05 Apr 2018 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ में ऑनलाइन बुकिंग से वीआईपी वाहन नंबर हासिल करने की प्रक्रिया खत्म होने जा रही है। जल्द ही ऐसे वीआईपी वाहन नंबर की ऑनलाइन नीलामी होगी। अब शौकीनों को वाीआईपी वाहन नंबर पाने के लिए पहले से अधिक रकम चुकानी पड़ेगी। इसका सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है, जिसकी बृहस्पतिवार को टेस्टिंग होगी।
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नई व्यवस्था 15 अप्रैल से लखनऊ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जा सकती है। लखनऊ में सफला के बाद इसे प्रदेश के दूसरे महानगरों में शुरू किया जाएगा। वीआईपी नंबर की ‘ऊंची बोली’ लगाने के लिए सात दिन तक वेबसाइट खुली रहेगी।
परिवहन विभाग एक सीरीज के 348 वीआईपी वाहन नंबरों को पंजाब एवं हरियाणा की तर्ज पर 11-11 लाख रुपये (वीआईपी वाहन नंबर एक से नौ तक) में बेचने के लिए नीलामी की नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को परिवहन आयुक्त पी. गुरु प्रसाद के सामने इस सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग होगी। इसके बाद लखनऊ में वीआईपी वाहन नंबरों की नीलामी की तारीख तय  होगी। वाहन स्वामी को मनचाहे वीआईपी नंबर की ‘ऊंची बोली’ लगाने के लिए संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीयन कराना होगा।
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एक नंबर के चुकाने होंगे लाखों

डेमो
वीआईपी नंबर की आवेदक सात दिन तक ‘ऊंची बोली’ लगा पाएंगे। जिस वीआईपी नंबर के तीन ‘ऊंची बोली’ लगाने वाले नहीं होंगे उस नंबर की दोबारा तीन दिन तक ‘ऊंची बोली’ लगेगी। इसके बाद सबसे अधिक बोली लगाने वाले के मोबाइल पर एसएमएस पहुंच जाएगा। उसे तय समय में नंबर की रकम भरनी होगी। 

परिवहन विभाग के कुल 348 वीआईपी नंबर चार कैटेगरी में बंटे हैं, जिनकी 15,000, 7500, 6000, 3000 रुपये है। 15 हजार रुपये की कीमत में 1 से 9, 11, 22, 33, 44 आदि और 786 तक नंबर शामिल हैं। लेकिन नीलामी की प्रक्रिया शुरू होते ही शौकीनों को ऐसे नंबर हासिल करने के लिए एक-एक लाख रुपये तक की कीमत चुकानी पड़ सकती है। 

'वीआईपी वाहन नंबरों की ऑनलाइन नीलामी के लिए सॉफ्टवेयर बन चुका है। इसकी पांच अप्रैल को टेस्टिंग है। टेस्टिंग सफल होने पर इसी माह में नंबरों की नीलामी की तारीख तय कर दी जाएगी।' - संजय नाथ झा, आरटीओ (आईटी) परिवहन विभाग
 
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