लखनऊ। लुटेरों से मोबाइल बचाने के प्रयास में चलती ट्रेन से गिरकर इलेक्ट्रॉनिक सामान विक्रेता सागर पोरवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी है। उन्हें ग्वालियर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना आलमबाग इलाके में सात दिसंबर को हुई। इस मामले में पहले जीआरपी थाने में लूट का केस दर्ज किया गया और अब केस को आलमबाग थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है।
औरैया के निझाई बनारसीदास निवासी सागर की घर में रिया इलेक्ट्रॉनिक्स नाम से दुकान है। उनके पिता रामू के अनुसार, सात दिसंबर को सागर लखनऊ दुकान के लिए माल खरीदने गए थे। शाम के वक्त उन्होंने चारबाग रेलवे स्टेशन से कानपुर तक के लिए चित्रकूट एक्सप्रेस पकड़ी। वह ट्रेन की बोगी के गेट पर बैठे थे। उनके हाथ में मोबाइल फोन था। ट्रेन स्टेशन से निकल कर आलमबाग स्थित ब्लॉक हट शिवमंदिर होम सिग्नल के पास पहुंची। इस बीच दो लुटेरों ने चलती ट्रेन के बाहर से सागर के हाथ से मोबाइल फोन लूटने का प्रयास किया। छीना-झपटी में वह अनियंत्रित होकर पटरी पर गिर पड़े। उनके सिर व पैर में गंभीर चोट लगी। लुटेरे उनका मोबाइल फोन लूटकर भाग निकले।
सूचना पर पहुंची आलमबाग पुलिस ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया और खबर परिजनों को दी। परिवार के लोग लखनऊ पहुंचे और सागर को सैफई स्थित पीजीआई ले गए। वहां डॉक्टरों ने उनका दाहिना पैर काटने की बात कही। पिता ने बताया कि सागर को फिलहाल ग्वालियर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टर इस प्रयास में हैं कि सागर का पैर न काटना पड़े।
जीआरपी ने दर्ज किया केस, फिर आलमबाग थाने किया ट्रांसफर
सागर के साथ हुई इस घटना में पिता रामू ने नौ दिसंबर को जीआरपी चारबाग में लूट का केस दर्ज कराया। छानबीन व जांच के बाद जीआरपी ने रविवार को घटनास्थल आलमबाग होने के चलते केस को आलमबाग थाने ट्रांसफर कर दिया। केस की विवेचना दरोगा अभिनंद अग्रहरि कोे दी गई है। दरोगा का कहना है कि जल्द पीड़ित का बयान दर्ज किया जाएगा। सर्विलांस की मदद से लूटे गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।