विहिप की 25 अगस्त से अयोध्या व आसपास के जिलों में प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा को हर हाल में रोकने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है।
परिक्रमा का समय करीब आते ही अयोध्या की सीमा सील कर दी जाएगी। आईजी कानून-व्यवस्था राज कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि जरूरत के अनुसार सुरक्षा बल की तैनाती की जा रही है।
हवाई जहाज, बस और ट्रेन सभी पर निगाह रखी जाएगी। जहां भी संत मिलेंगे, उन्हें रोक कर वापस भेज दिया जाएगा। उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सख्ती भी की जाएगी।
आईजी ने कहा कि अभी इस बात का खुलासा नहीं किया जा सकता है कि इस रोकथाम के लिए कितनी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। ईद के मौके पर मिली आरएएफ की 12 कंपनियां अभी वहां मौजूद है। उसे ड्यूटी पर लगाया जाएगा।
विवादित परिसर में पीएसी की 12 कंपनियां पहले से मौजूद हैं। इसके अलावा रेड जोन में सीआरपीएफ की पूरी बटालियन मौजूद है। आईजी ने कहा कि राज्य सरकार के फैसले का हर हाल में अनुपालन किया जाएगा।
आईजी ने भी प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव के सोमवार को दिए गए बयान को दोहराया और कहा कि परंपरागत तरीके से यह परिक्रमा मई से जून माह के दौरान आयोजित हो चुकी है और अब इसके दोबारा आयोजन का कोई औचित्य नहीं है।
अनुमति नहीं मांगी, सूचना दी थी
विशेष सचिव गृह अरुण मिश्र ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा को लेकर विहिप ने जो पत्र दिया था वह सूचनार्थ था। अनुमति नहीं मांगी गई। आईजी ने कहा कि जिस तरह से परिक्रमा का कार्यक्रम बताया गया है उसे उसी लिहाज से रोका जाएगा।
जिन छह जिलों से होकर परिक्रमा अयोध्या आती है, उन सभी जिलों में खास सतर्कता बरती जा रही है। बिहार सीमा से सटे यूपी के जिलों में भी ऐसी ही सतर्कता रखी जाएगी।