इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में अंग्रेजी का पेपर लीक होने की जांच एसटीएफ ने शुरू कर दी है। वाराणसी यूनिट के साथ-साथ एसटीएफ मुख्यालय से भी एक टीम बलिया भेजी गई है। मामले में अभी तक सभी गिरफ्तारियां बलिया पुलिस ने की है। बलिया समेत 24 जिलों और जहां पेपर की छपाई हुई थी, वहां से एसटीएफ पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ? गौरतलब है कि बलिया में पेपर लीक की पुष्टि के बाद बलिया समेत 24 जिलों में परीक्षाएं निरस्त कर दी गई थीं। इनमें आजमगढ़, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, वाराणसी, गोंडा, एटा, बागपत, आगरा, सीतापुर, कानपुर देहात, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, शामली, शाहजहांपुर, उन्नाव, जालौन व महोबा भी है। हालांकि यह तस्दीक नहीं हो पाई कि पेपर बलिया से लीक हुआ या कहीं और से। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जो लोग पकड़े गए हैं, वे सभी कैरियर हैं। यानी इन लोगों के जरिए प्रश्नपत्र को आगे बढ़ाया गया है। अब तक कुल 22 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार एसटीएफ बलिया के साथ-साथ उन बाकी 23 जिलों व जहां पेपर की छपाई हुई, वहां से भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आखिर प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ? इसके लिए दूसरे जिलों में भी एसटीएफ ने छानबीन शुरू कर दी है। सूत्रों ने बताया कि बलिया में 210 केंद्रों पर अंग्रेजी का पेपर होना था। पेपर बलिया से ही लीक हुआ है, इसकी तस्दीक फिलहाल नहीं हो सकी है। सूत्रों का कहना है कि जो लोग पकड़े गए हैं वह सभी कैरियर हैं। यानी इन लोगों के पास से प्रश्नपत्र को आगे बढ़ाया गया है। ऐसे डेढ़ दर्जन लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। अब तक कुल 22 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पेपर कहां से लीक हुआ, इसका मुख्य सूत्रधार कौन है, नकल माफिया तो इसके पीछे नहीं हैं, इन सब सवालों का जवाब यूपी एसटीएफ पता लगाएगी।
बता दें कि बलिया में पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद बलिया समेत 24 जिलों में परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं थीं। इसमें बलिया, आजमगढ़, अम्बेडकरनगर, गोरखपुर, वाराणसी, गोंडा, एटा, बागपत, आगरा, सीतापुर, कानपुर देहात, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, शामली, शाहजहांपुर, उन्नाव, जालौन, महोबा जिले में परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।
20 प्रतिशत प्रश्नपत्रों के पैकेट की होगी रैंडम जांच
उधर, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने के लिए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि हर जिले में जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान खुद जांच करें कि कहीं प्रश्नपत्रों के पैकेट के साथ छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। उन्होंने कहा है कि हर जिले में कम से कम 20 प्रतिशत पैकेट की जांच जरूर की जाए। अगर छेड़छाड़ के सुबूत मिलते हैं तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और इसकी सूचना माध्यमिक शिक्षा विभाग को तत्काल दी जाए।