ऊर्जा शक्ति व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतें अब 24 घंटे सुनी जाएंगी और इनका त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए पावर कार्पोरेशन मुख्यालय शक्ति भवन तथा सभी बिजली कंपनियों में कमांड एवं कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बृहस्पतिवार को बिजली संबंधी शिकायतों के लिए लखनऊ में स्थापित 1912 कॉल सेंटर का निरीक्षण करके उपभोक्ता हित में नई व्यवस्था बनाने का फैसला किया।
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनने एवं उसके निस्तारण की प्रक्रिया को गंभीरता से लेते हुए उपभोक्ता सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के साथ-साथ पावर कार्पोरेशन मुख्यालय पर कमांड एवं कंट्रोल रूम तथा हेल्प डेस्क शीघ्र स्थापित कराया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों का समयबद्ध रूप से निस्तारण कराया जाए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वितरण निगम स्तर पर उपभोक्ताओं की जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाएगा। उसका समाधान ऊर्जा मंत्री की निगरानी में प्रदेश स्तर पर शक्ति भवन में स्थापित होने वाले कमांड एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से किया जाएगा।
शर्मा ने बताया कि प्रत्येक वितरण निगम में 24 घंटे चलने वाली कई टेलीफोन लाइनों से युक्त टोल फ्री व्यवस्था प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी उपभोक्ता की समस्या का निराकरण वितरण निगम स्तर पर नहीं हो पाता है तो लखनऊ में स्थापित कंट्रोल रूम में टेलीफोन नंबर, व्हाट्सअप नंबर, ट्विटर हैंडल और ई-मेल के माध्यम से शिकायत की जा सकती है। ऊर्जा विभाग की सभी इकाइयों को उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं।
पॉवर काॅर्पोरेशन के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये दिए निर्देश
पॉवर काॅर्पोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों व मुख्य अभियंताओं को बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 100 दिन की कार्ययोजना बनाकर काम कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री के निर्देश के अनुसार बिजली आपूर्ति, राजस्व वसूली, लाइन हानियों में कमी, बिजली चोरी रोकने तथा कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि गर्मी में तय शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी मरम्मत व सुधार के कार्य समय से करा लिए जाएं ताकि मांग बढ़ने पर दिक्कत न हो। उन्होंने प्रबंध निदेशकों को बिजली चोरी रोकने के अभियान की खुद मॉनिटरिंग करने को कहा है। वसूली बढ़ाने के लिए बकायेदारों का कनेक्शन काटने, मीटरिंग, शत-प्रतिशत बिलिंग, उपकेंद्रों, फीडरों व ट्रांसफार्मरों की एनर्जी अकाउंटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।