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सीतापुर: भैंस चोरी के मामले में पंचायत के तुगलकी फरमान से आफत में फंसा परिवार, हुक्का-पानी बंद

Thu, 17 Jan 2019 12:56 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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सीतापुर में पंचायत के तुगलकी फरमान से एक परिवार का गांव में रहना मुहाल हो गया है। मवेशी चोरी के मामले में देव स्थान पर कसम खिलाने से शुरू हुए पंचायती फैसले में एक परिवार के हुक्का-पानी बंद करने, एक लाख जुर्माना व सात जवार (गांव-बिरादरी) को खाना खिलाने का फरमान सुनाया गया है।
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पंचायत की ओर से इस फरमान की बाकायदा चिट्ठी जारी की गई है। पंचायत का फरमान सुनकर परिवार पसोपेश में है कि वह आखिर करे तो क्या करे। प्रशासन मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कह रहा है।

वाकया तहसील अंतर्गत सदरपुर थानाक्षेत्र के पोखराकला गांव का है। इस गांव के रहने वाले प्रेम भार्गव ने बताया कि 6 दिसंबर, 2018 की रात उसके दो भैंसे घर के दरवाजे से चोरी हो गए थे। घटना की तहरीर 7 दिसंबर को सदरपुर थाने में भी दी थी।
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कुछ दिन बाद प्रेम को गांव के कुछ लोगों पर शक हुआ तो पंचायत को इसकी जानकारी दी। पंचायत में यह तय किया गया कि आरोपी गांव के ब्रह्मचारी बाबा के पवित्र स्थान पर चोरी न करने की कसम खाए। अगर उन्होंने चोरी की होगी तो सात दिनों में असर स्वरूप कुछ बुरा होगा। यदि नहीं की होगी तो सब सामान्य रहेगा।
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लिखित में जारी किया फरमान

कसम खाने के सात दिन बाद जब आरोपियों के साथ कुछ गलत नहीं हुआ तो पंचायत ने मान लिया कि प्रेम ने झूठा आरोप लगाया था। लिहाजा पंचायत ने प्रेम के परिवार का हुक्का-पानी बंद करते हुए एक लाख के जुर्माने तथा सात जवार (गांव व बिरादरी) को खाना खिलाने का फरमान सुना दिया।

यह फरमान बकायदा लिखित में जारी किया गया है। सीतापुर के अलावा आसपास के कई जिलों में बिरादरी तक यह चिट्ठी पहुंचाई गई है। चिट्टी में यह अपील की गई कि ये पत्र मिलने पर बिरादरी एक दूसरे को बताए कि प्रेम का समाज से बहिष्कार किया गया है और सात जवार से इनका हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। 

चिट्ठी में समाज के रावत नेकराम आंबा, राम खेलावन रायपुर, लाल बहादुर कोठिला, मैकूलाल, बिशम्भर, देवाराम बनबीरपुर आदि के हस्ताक्षर भी हैं। पंचायत के इस तुगलकी फरमान से प्रेम के होश उड़ गए। प्रेम के मुताबिक वह अपनी जमीन भी बेच दे तो जुर्माना अदा नहीं कर सकता है।
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पंचायत सुना रही दकियानूसी फरमान

जिले के पोखरा कलां गांव की एक अलग पहचान है। इस गांव से वर्तमान समय में दो विधायक हैं। इनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री व महमूदाबाद के सपा विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा व बाराबंकी के फतेहपुर से भाजपा विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा शामिल हैं।

इसके अलावा सीतापुर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा और पूर्व विधायक डॉ. राम नारायण वर्मा भी इसी गांव के रहने वाले हैं। सवाल उठना लाजिमी है कि चार-चार जनप्रतिनिधियों वाले इस गांव में पंचायत का यह दकियानूसी फरमान आज के दौर में भी सुनाया जा रहा है।

इस तरह के किसी मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि ऐसा किया गया है तो फरमान सुनाने वाले पंचायत के कथित पदाधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। - संतोष राय, एसडीएम
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