एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने एवं धक्कामुक्की से सपाइयों में उबाल है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र का अपमान है।
उन्होंने मंगलवार कहा कि भाजपा राज में लोकतंत्र खतरे में है। यह सत्ता का क्रूर चेहरा है। हार का डर ही जनमत को कुचलता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भाजपा राज में लोकतंत्र की अपेक्षा करना दिन में तारे ढूंढ़ना है। उन्होंने एटा में सपा प्रत्याशी उदयवीर के साथ हुई धक्कामुक्की का वीडियो भी शेयर किया।
अखिलेश ने गैस सिलिंडर के बढ़े दाम पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘जनता को दिया भाजपा सरकार ने महंगाई का एक और उपहार। लखनऊ में रसोई गैस सिलिंडर हुआ हजार के पास और पटना में हजार के पार। चुनाव खत्म, महंगाई शुरू।’
सपाइयों ने सीईओ को ज्ञापन सौंपा, कहा दोबारा कराओ नामांकन
विधान परिषद चुनाव में कई सपा उम्मीदवारों के पर्चे निरस्त होने से खफा सपा प्रतिनिधिमंडल ने नामांकन प्रक्रिया दोबारा से कराने की मांग की है। इस बाबत मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी, एमएलसी अरविंद कुमार सिंह, विधायक रविदास मेहरोत्रा एवं केके श्रीवास्तव ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला से मुलाकात की। कहा कि मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए सपा प्रत्याशी उदयवीर सिंह एवं राकेश यादव को नामांकन करने से रोका गया और उनका पर्चा छीन लिया गया। भाजपा नेताओं केदबाव पर पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना रहा और उदयवीर अपना पर्चा दाखिल नहीं कर पाए। प्रत्याशियों को बंधक बनाया गया। उन पर पथराव किया गया। इटावा-फर्रुखाबाद में सपा कार्यकर्ताओं से मारपीट की गई। सीतापुर में सपा प्रत्याशी पर नामांकन न करने का दबाव बनाया गया और उनके विद्यालय की अचानक व अकारण पैमाइश शुरू कर दी गई। विभिन्न जनपदों में सपा के प्रत्याशियों को नामांकन से रोकने के लिए उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं हुई हैं। इससे चुनाव प्रभावित हो रहा है और प्रक्रिया पर प्रश्न चिह्न लग रहा है। उन्होंने मांग की कि मथुरा-एटा-मैनपुरी में नामांकन के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय बढ़ाया जाए। नामांकन रोकने, फार्म छीनने और मारपीट आदि करने के आरोपियों पर भी तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए।