कैंसर ने अंतत: मशहूर चित्रकार शरद पांडेय के जीवन के कैनवास से सारे रंग चुरा ही लिए। थोड़े समय पहले ही उनकी बड़ी आंत में कैंसर का पता चला था।
उम्मीद थी कि कीमोथैरेपी के साथ वे ठीक हो जाएंगे पर मंगलवार सुबह उन्होंने सदा के लिए आंखें मूंद लीं। वे 57 वर्षों के थे। पांडेय का अंतिम संस्कार उनकी पत्नी नलिनी पांडेय ने किया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त किया है।
20 अक्तूबर 1958 को लखनऊ में जन्मे शरद पांडेय ने 18 साल की उम्र से ही कला प्रदर्शनियों में भागीदारी शुरू कर दी थी।
पांडेय को पहाड़ी स्त्रियों पर आधारित चित्रों के लिए विशेष तौर पर जाना गया। उन्हें राज्य ललित कला अकादमी का सम्मान भी मिला था। वे चित्रकार एमएफ हुसैन से भी काफी प्रभावित थे।