पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा
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मई 2013 में एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाले दिन की यादें साझा करते हुए युवा पर्वतारोही ने कहा कि आज युवाओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे लक्ष्य नहीं निर्धारित करते। जीवन में पहले लक्ष्य निर्धारित कीजिए, फिर इस तरह उस तरफ बढ़िए कि ऊपर वाला खुद वह लक्ष्य देने को मजबूर हो जाए।
जब आप संघर्ष से कुछ हासिल करते हैं तो वो कहानी पूरी दुनिया जानना चाहती है। अपनी कमज़ोरी को मैंने अपनी ताकत बनाया। उन्होंने कहा कि जिस दिन किताबों को आप अपना दोस्त बना लें, उसके बाद फिर किसी की जरूरत नहीं होती।
इंटरनेट के इस दौर में किताबों की ओर रुझान कम हो रहा है पर बड़ों को ध्यान देना चाहिए कि बच्चों को बहलाने के लिए मोबाइल नहीं, अच्छी किताबें दें। समारोह में मनोज सिंह चंदेल, ओलम्पियन सैयद अली, जसपाल सिंह समेत तमाम मौजूद रहे।