केजीएमयू में नाइट्रस ऑक्साइड गैस की कमी हो गई है। इससे मरीजों को ऑपरेशन की डेट मिलनी बंद हो गई है। मरीजों के तीमारदार जांच रिपोर्ट लेकर डॉक्टरों के कमरों के चक्कर लगा रहे हैं।
डॉक्टर गैस की किल्लत बताकर सामान्य मरीजों को कुछ समय बाद आने की बात कहकर वापस कर कर रहे हैं। वहीं, केजीएमयू प्रशासन सिलेंडर की उपलब्धता के लिए कोशिश में लगा हुआ है।
मंगलवार को केजीएमयू के अलग-अलग विभागों में अपनी जांच रिपोर्ट लेकर पहुंचे मरीजों को निराशा हाथ लगी। अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीजों को नाइट्रस ऑक्साइड की किल्लत बताकर बाद में आने की सलाह दी।
अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के बाहर बैठे रायबरेली के श्याम कुमार ने बताया कि उनके भाई को पथरी की शिकायत है। डॉक्टर ने जांचें लिखी थीं।
मंगलवार को रिपोर्ट लेकर ओपीडी में पहुंचे तो चिकित्सक ने ऑपरेशन में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाली नाइट्रस ऑक्साइड गैस की किल्लत की बात कहकर बाद में आने की बात कही।
श्याम ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें बताया कि मरीज की हालत अभी ठीक है और कुछ समय तक दवा से काम चलाया जा सकता है। इसके बाद श्याम अपने भाई को बिना ऑपरेशन की डेट लिए ही वापस चले गए।
केजीएमयू में कुछ समय पहले से नाइट्रस ऑक्साइड गैस की किल्लत के चलते कई ऑपरेशन टालने पड़े थे। यहां मरीजों का ऑपरेशन टालने से बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में नौ सिलेंडर मंगाए थे। जबकि रोजाना बारह से अधिक सिलेंडरों की खपत है।