- शुरू से अंत तक ऑनलाइन सिस्टम होने से बजट स्वीकृतियां तय समय में जारी होंगी और पारदर्शिता आएगी।
- यदि किसी स्तर पर स्वीकृति में अनावश्यक देरी की जाती है तो उच्च स्तर पर उसका संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही की जा सकेगी।
- प्रशासकीय विभागों व वित्त विभाग के बीच स्वीकृतियों पर सहमति को लेकर लगने वाले आरोप-प्रत्यारोप में कमी आएगी।
- समय से स्वीकृतियां जारी होने से योजनाओं व परियोजनाओं के काम समय से बढ़ेंगे।